फीफा वर्ल्ड कप: इबोला के खतरे को देख उत्तर अमेरिकी देशों ने बढ़ाई चौकसी
वाशिंगटन । डेस्क: अगले महीने से शुरू हो रहे फीफा वर्ल्ड कप के मद्देनजर अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा ने सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कड़े कदम उठाए हैं. तीनों उत्तर अमेरिकी देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर बताया कि उन्होंने इबोला वायरस के अत्यधिक जोखिम वाले अफ्रीकी क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए एक समान सार्वजनिक स्वास्थ्य यात्रा उपाय लागू करने की घोषणा की है. नेताओं का कहना है कि विश्व कप के दौरान नागरिकों और पर्यटकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा हाल ही में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में इबोला के प्रकोप को 'अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित किए जाने के बाद यह फैसला लिया गया है. डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी थी कि इस वायरस का पड़ोसी देशों में फैलने का खतरा बहुत अधिक है, जिसके बाद सरकारों ने यात्रा संबंधी रोकथाम के उपाय तेज कर दिए हैं.
अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के कड़े नियम
अमेरिका: वाशिंगटन ने हाल के हफ्तों में डीआरसी, युगांडा या दक्षिण सूडान की यात्रा करने वाले गैर-नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है. अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) ने इस प्रतिबंध का दायरा बढ़ाते हुए ग्रीन कार्ड धारकों को भी इसमें शामिल किया है, जिन्होंने पिछले 21 दिनों में इन देशों की यात्रा की है.
कनाडा: कनाडा ने डीआरसी, युगांडा और दक्षिण सूडान के निवासियों के प्रवेश पर 90 दिनों का प्रतिबंध लगा दिया है. इसके अलावा, प्रभावित क्षेत्रों से लौटने वाले कनाडाई नागरिकों और स्थायी निवासियों, जिनमें इबोला के कोई लक्षण नहीं हैं, उन्हें भी अनिवार्य रूप से 21 दिनों के एकांतवास (quarantine) में रहना होगा.
मेक्सिको: मेक्सिको के स्वास्थ्य सचिव डेविड कर्शनेविच ने हवाई अड्डों पर इबोला की सख्त स्क्रीनिंग के निर्देश दिए हैं. उन्होंने जनता से डीआरसी की यात्रा से बचने का आग्रह किया है और वहां से आने वाले सभी यात्रियों के लिए 21 दिनों का क्वारंटाइन जरूरी कर दिया है.