फीफा वर्ल्ड कप: मेसी और यामाल के बीच 'महामुकाबला'
नई दिल्ली । डेस्क: फुटबॉल के सबसे बड़े मंच फीफा वर्ल्ड कप का खुमार अपने चरम पर है. अब इस टूर्नामेंट में केवल दो मैच बचे हैं, जहां तीसरे स्थान के लिए फ्रांस और इंग्लैंड के बीच भिड़ंत होगी, वहीं रविवार, 19 जुलाई को न्यू यॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में होने वाले ऐतिहासिक फाइनल में अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा. फुटबॉल फैंस इस मुकाबले को लियोनेल मेसी और स्पेन के युवा सनसनी लामिन यामाल के बीच एक 'जनरेशनल शोडाउन' यानी दो पीढ़ियों की महाजंग के रूप में देख रहे हैं.
इस खिताबी मुकाबले में स्पेन जहां अपनी दूसरी वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगा, वहीं मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना की नजरें चौथे खिताब पर होंगी. दोनों टीमें आखिरी बार 2018 के एक दोस्ताना मैच में आमने-सामने आई थीं, जिसमें स्पेन ने 6-1 से एकतरफा जीत दर्ज की थी.
फाइनल मुकाबले की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस मैच को देखने और विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपने के लिए स्टेडियम में मौजूद रह सकते हैं.
इस बार फीफा वर्ल्ड कप में विजेताओं को ट्रॉफी और गोल्ड मेडल के साथ-साथ एक अनोखा तोहफा भी मिलेगा. उत्तर अमेरिकी खेलों की तर्ज पर इस साल पहली बार चैंपियन टीम के खिलाड़ियों को 30 विशेष चैंपियनशिप रिंग्स दी जाएंगी, जबकि फैंस के लिए भी 1,996 कलेक्टर एडिशन रिंग्स बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी. इन रिंग्स के एक तरफ वर्ल्ड कप ट्रॉफी और दूसरी तरफ विजेता टीम की खास पहचान को उकेरा जाएगा.
इस बीच, इंग्लैंड की टीम के भीतर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. अर्जेंटीना के खिलाफ सेमीफाइनल में मिली 2-1 की हार के बाद इंग्लिश कोच थॉमस टुशेल की रणनीतियों की तीखी आलोचना हो रही है. ब्रिटिश मीडिया और पूर्व कप्तान गैरी लिनेकर ने टुशेल के डिफेंसिव फैसलों पर सवाल उठाए हैं, जिसके चलते इंग्लैंड ने 1-0 की बढ़त गंवा दी. आलोचकों का कहना है कि टुशेल ने वही पुरानी गलतियां दोहराईं जो इंग्लैंड को दशकों से चुभती रही हैं.
दूसरी तरफ, फाइनल मैच से पहले मेसी और यामाल की करीब 20 साल पुरानी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. साल 2007 में एक चैरिटी के लिए खींची गई इस फोटो में 20 वर्षीय मेसी एक नन्हे बच्चे को प्लास्टिक के टब में नहलाते दिख रहे हैं, जो और कोई नहीं बल्कि आज के स्टार खिलाड़ी लामिन यामाल हैं. फोटोग्राफर जोन मोनफोर्ट भी इस अद्भुत संयोग को देखकर हैरान हैं.
मैच की तैयारियों के बीच आयोजकों के लिए एक बड़ी चुनौती कनाडा के जंगलों में लगी आग का धुआं बनी हुई है. न्यू जर्सी में फैले इस धुएं और खराब हवा के कारण स्पेनिश टीम को धुंधले आसमान के नीचे आउटडोर ट्रेनिंग करनी पड़ी, जिसकी स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कड़ी आलोचना की है. हालांकि, अर्जेंटीना की टीम ने अटलांटा में रहने के कारण इस धुएं से खुद को सुरक्षित रखा है. फिलहाल, आयोजक हवा की गुणवत्ता पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और रविवार को होने वाले इस मेगा फाइनल पर इसका असर पड़ने की कोई आशंका नहीं है.