शासन के आदेश को महिला प्रधानाध्यापक ने कहा-ना
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के गीदम ब्लॉक में महिला प्रधानाध्यापक की मनमानी
दंतेवाड़ा | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के गीदम ब्लॉक में पदस्थ एक महिला प्रधानाध्यापक फरहाना रिजवी ने मूल पदस्थापना में जाने से इंकार कर दिया है.
वे शाला प्रवेशोत्सव में भी अपनी मूल पदस्थापना पर नहीं पहुंचीं. इस दिन भी वह जावंगा स्थित स्कूल पहुंची. वहां वह प्रधानाध्यापक की कुर्सी पर बैठीं. इस मामले में अधिकारी लाचार नजर आ रहे हैं.
हालांकि उनका वेतन पूरी तरह से रोक दिया गया है. वह अप्रैल माह से नो वर्क नो पेमेंट पर हैं. महिला प्रधानाध्यापक फरहाना रिजवी के पति सकील रिजवी कांग्रेस के सचिव हैं.
तीन नोटिस जारी हुए
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यलय से 7 मई को पत्र जारी हुआ . विभागीय जांच का हवाला देते हुए प्रधानाध्यापक फरहाना रिजवी को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रेका पदस्थ होने के लिए आदेश जारी हुआ.
इस पत्र के बावजूद वे मूल संस्था में नहीं गईं. न ही पत्र का कोई जबाब दिया. ठीक इसी तरह विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 14 मई को फरहाना रिजवी को नोटिस जारी हुआ.
इस नोटिस में मूल पदस्थापना पहुंच कर कार्य भार संभालने की बात लिखी गई.
हाल में ही शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक ने 13 जून को सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याताओं के सलंग्नीकरण पर सरकार की स्थानांतरण नीति का हवाला देते हुए पत्र जारी किया था.
इसमें साफ तौर पर लिखा था कि शिक्षक का संलग्नीकरण शेष नहीं रहना चाहिए. यदि ऐसा नहीं हुआ तो अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी.
शासन की तमाम कोशिशों के बाद भी दर्जनों शिक्षक अभी भी मूल पदस्थापना पर नहीं पहुंचे हैं. इन महिला प्रधानाध्यापक पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए, उन पर नो वर्क नो पेंमेंट की कार्रवाई की गई है.
जिला शिक्षा अधिकारी एस के अंबिस्टा का कहना है, प्रधानाध्यापक फरहाना रिजवी को लगतार नोटिस जारी किया गया है. उनका मूल पद रेका पंचायत का उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है. उन्होंने किसी भी नोटिस का जबाब भी नहीं दिया है. अप्रैल माह से वेतन को रोक दिया गया है. फिलहाल वे नो वर्क नो पेमेंट पर हैं. यह कार्रवाई शिक्षा विभाग के द्वारा की गई है.
हालांकि हमें इस संबंध में फरहाना रिजवी का पक्ष नहीं मिल पाया है.