रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

श्मशान घाट पर अतिक्रमण, शव ले जाने रास्ता नहीं

H

Hupendra Sharma

29 अग. 2025, 08:36 AM 3 मिनट में पढ़ें 2

अतिक्रमण
अतिक्रमण

बस्तर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के जगदलपुर शहर से लगे घाटलोहंगा के ग्रामीण पिछले कई महीनों से श्मशान घाट से अतिक्रमण हटाने की गुहार शासन प्रशासन से लगा रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण के चलते अब श्मशान घाट में शव ले जाने तक का रास्ता नहीं बचा है. लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है.


दरअसल, पिछले 100 सालों से जिस श्मशान घाट में घाटलोहंगा ग्राम के सुआर्य राजपुरोहित ब्राह्मण समाज के लोग अपने पूर्वजों का दाह संस्कार करते आ रहे हैं. समाज का आरोप है कि उस श्मशान घाट की पूरी जगह को द रिवर पार्क नाम के रिसॉर्टस के संचालक द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है.

विज्ञापन


यहां तक इंद्रावती नदी के घाट को भी संचालक के द्वारा कब्जा कर लिया गया है. जिससे अब समाज के लोगों को श्मशान घाट में शव ले जाने के लिए कोई रास्ता ही नहीं बचा है.


लंबे समय से समाज के लोग बस्तर सांसद से लेकर कलेक्टर, एसपी और विधायक को ज्ञापन सौंपते आ रहे हैं. लेकिन रसूखदार रिसॉर्टस के संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है और ना ही उसके द्वारा किए गए अतिक्रमण को प्रशासन के द्वारा हटाया जा रहा है.


ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष मन्ना प्रसाद तिवारी ने बताया कि जिस जमीन पर रिसॉर्टस बनाया गया है उसको लेकर पहले ही सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है.


उन्होंने आरोप लगाया है कि रिसॉर्टस के संचालक द्वारा सरकारी जमीन के साथ-साथ श्मशान घाट की जमीन का भी अतिक्रमण किया जा रहा है. जबकि रियासतकाल से ही राजा ने श्मशान घाट के लिए यह जमीन ब्राह्मण समाज को दी थी. जिसके बाद बकायदा जिला प्रशासन ने भी शमशान घाट के लिए समाज को जमीन अलॉट किया है. 


रिसॉर्टस संचालक के खिलाफ यह भी आरोप है कि उन्होंने फेंसिंग तार से पूरी जगह की घेराबंदी कर दी है. जिस वजह से दाह संस्कार के लिए श्मशान घाट जाने के लिए रास्ता ही नहीं बचा है.


समाज का आरोप है कि रसूखदार लोगों द्वारा अवैध कब्जा करने के कारण ही शासन-प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. जबकि लंबे समय से जनप्रतिनिधियों से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों से समाज द्वारा श्मशान घाट से अतिक्रमण हटाने गुहार लगा रहे हैं.


सुप्रीम कोर्ट में चल रहा मामला


इस संबंध में घाटलोहंगा के पटवारी संजय राय चौधरी का कहना है कि खसरा नंबर 470 और 472 सिद्धार्थ गुप्ता के नाम से खरीदा गया है. जहां पर रिसॉर्टस का निर्माण किया गया है, उस जमीन की खरीदी-बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा है. इस पर जांच कर परिसीमन की कार्रवाई की गई थी, लेकिन इसकी रिपोर्ट क्यों नहीं आई, इसकी कोई जानकारी उनके पास नहीं है.


वहीं समाज के लोगों का कहना है कि खसरा नंबर 471 जो कि श्मशान घाट के लिए अलॉट किया गया है.


इधर इस मामले में जिला प्रशासन के अधिकारी भी जांच कर कार्रवाई की बात कह रहे हैं. वहीं रिवर पार्क के मालिक सिद्धार्थ गुप्ता का कहना है कि सब कुछ नियम के मुताबिक हुआ है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP