ट्रेन की टक्कर से हाथी की मौत, उच्च स्तरीय जांच के आदेश
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ वन मंडल में ट्रेन की चपेट में आने से एक हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसकी मौत हो गई. रायपुर से करीब 200 किलोमीटर पूर्व में हुई इस घटना को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) अरुण पांडेय ने मामले की गहन जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. इसके साथ ही रेलवे लाइनों पर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं.
यह हादसा रायगढ़ के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र में हुआ. ट्रेन से टक्कर की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल हाथी के इलाज के लिए आपातकालीन मेडिकल टीम को तैनात किया. फिलहाल वन्यजीव विशेषज्ञों की देखरेख में हाथी का उपचार किया गया था.
हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने और व्यवस्था की कमियों को दूर करने के लिए पीसीसीएफ ने तीन सदस्यीय एक विशेष जांच समिति का गठन किया है. इस समिति की कमान अचानकमार टाइगर रिजर्व (बिलासपुर) की प्रभारी मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक और फील्ड डायरेक्टर प्रियंका पांडेय को सौंपी गई है.
समिति के अन्य सदस्यों में रायगढ़ वन मंडल के डीएफओ अरविंद पीएम और धरमजयगढ़ वन मंडल के डीएफओ जितेंद्र कुमार उपाध्याय शामिल हैं. इस उच्च स्तरीय कमेटी को दुर्घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर दो सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.
इस घटना के बाद वन विभाग ने रेलवे नेटवर्क से जुड़े राज्य के सभी वन मंडलों को सतर्क कर दिया है. पीसीसीएफ ने निर्देश दिया है कि वे रेल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर संवेदनशील ट्रैक पर गति-सीमा से जुड़े संकेतक (साइनबोर्ड) और अन्य जरूरी सुरक्षा उपाय जल्द से जल्द सुनिश्चित करें.
वन अधिकारियों का मानना है कि इस जांच से उन संवेदनशील हिस्सों (ब्लाइंड स्पॉट्स) की पहचान हो सकेगी जहाँ हादसे का खतरा सबसे ज्यादा रहता है, ताकि भविष्य में रेल दुर्घटनाओं में होने वाली हाथियों की मौत को पूरी तरह रोका जा सके.
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में इस समय करीब 450 हाथियों का दल अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण कर रहा है. इनमें रायगढ़, जशपुर, कोरबा और सूरजपुर ऐसे जिले हैं, जहाँ हाल के दिनों में हाथियों की आवाजाही और सक्रियता काफी ज्यादा बढ़ी है.