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EC ने 474 राजनीतिक दलों को सूची से हटाया, छत्तीसगढ़ में भी कार्रवाई

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20 सित. 2025, 01:23 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

चुनाव आयोग
चुनाव आयोग

नई दिल्ली । डेस्क: भारत निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रणाली को साफ-सुथरा बनाने की अपनी पहल के तहत 18 सितंबर 2025 को 474 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सूची से हटा दिया. यह कार्रवाई उन दलों के खिलाफ की गई, जिन्होंने लगातार 6 वर्षों तक किसी भी चुनाव में भाग नहीं लिया. 


इसके साथ ही, 359 अन्य आरयूपीपी को सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जो पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2021-22, 2022-23, 2023-24) में अपने वार्षिक लेखापरीक्षित खाते जमा करने में विफल रहे हैं और चुनाव व्यय रिपोर्ट दाखिल नहीं की है.


इस अभियान के पहले चरण में 9 अगस्त 2025 को 334 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सूची से हटाया गया था. इस प्रकार, पिछले दो महीनों में कुल 808 दलों को सूची से हटाया जा चुका है. छत्तीसगढ़ में इस कार्रवाई के तहत दूसरे चरण में 7 और तीसरे चरण के लिए 9 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की पहचान की गई है.


निर्वाचन आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी भी दल को अनुचित रूप से सूची से न हटाया जाए, संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है. इन नोटिसों के जवाब के बाद सुनवाई का अवसर दिया जाएगा, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.


प्रभावित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सूची


दूसरे चरण में सूची से हटाए गए गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (कुल: 474)-


छत्तीसगढ़: 7, उत्तर प्रदेश: 121, महाराष्ट्र: 44, तमिलनाडु: 42, दिल्ली: 40, मध्य प्रदेश: 23, पंजाब: 21, आंध्र प्रदेश: 17, हरियाणा: 17, राजस्थान: 17, बिहार: 15, पश्चिम बंगाल: 12, जम्मू और कश्मीर: 12, केरल: 11, उत्तराखंड: 11, गुजरात: 10, कर्नाटक: 10, तेलंगाना: 9, झारखंड: 7, ओडिशा: 7, गोवा: 4, असम: 3, मेघालय: 3, हिमाचल प्रदेश: 2, मणिपुर: 2, मिजोरम: 2, नगालैंड: 2, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 1, चंडीगढ़: 1, त्रिपुरा: 1.


तीसरे चरण के लिए पहचाने गए गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (कुल: 359)-


छत्तीसगढ़: 9, उत्तर प्रदेश: 127, दिल्ली: 41, तमिलनाडु: 39, बिहार: 30, कर्नाटक: 13, हरियाणा: 11,पंजाब: 11, पश्चिम बंगाल: 11, तेलंगाना: 10, गुजरात: 9, झारखंड: 7, राजस्थान: 7, मध्य प्रदेश: 6, ओडिशा: 6, केरल: 6, असम: 2, उत्तराखंड: 2, चंडीगढ़: 1, हिमाचल प्रदेश: 1, सिक्किम: 1, महाराष्ट्र: 1.


पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर


चुनाव आयोग ने कहा कि यह कदम जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत पंजीकृत राजनीतिक दलों को मिलने वाले विशेषाधिकारों, जैसे प्रतीक और कर छूट, के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है. आयोग का यह प्रयास देश में स्वच्छ और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP