दुर्ग: उफनते नाले में जान जोखिम में डालकर शव ले जाने को मजबूर ग्रामीण
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अहिवारा विधानसभा क्षेत्र स्थित सेमरिया गांव में बदहाल बुनियादी ढांचे के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. करीब 3,500 की आबादी वाले इस गांव में मुक्तिधाम तक जाने का रास्ता कच्चा और जर्जर है, जहां से गुजरने वाला एक नाला बारिश के दिनों में जानलेवा साबित हो रहा है.
हाल ही में गांव के निवासी बलराम मरकाम के निधन के बाद अंतिम संस्कार के लिए जाते समय ग्रामीणों को तेज बारिश के बीच उफनते नाले को पार करना पड़ा. फिसलते पत्थरों, कीचड़ और पानी के तेज बहाव के बीच ग्रामीणों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर किसी तरह शव को नाले के पार पहुंचाया और अंतिम संस्कार संपन्न किया.
गांव में पक्की सड़क न होने के कारण यह समस्या वर्षों से बनी हुई है. सरपंच दामिनी साहू ने बताया कि ग्रामीण पिछले डेढ़ साल से मुक्तिधाम तक पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं और इसके लिए धारासा रोड से मुक्तिधाम तक लगभग 20 लाख रुपये की लागत से डब्ल्यूबीएम सड़क बनाने का प्रस्ताव दिया गया है.
इस पूरे मामले पर दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने संज्ञान लेते हुए बताया कि मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली पुरानी सड़क का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है, जबकि मुक्तिधाम तक की सड़क का सर्वे कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि जल्द स्वीकृति दिलाकर निर्माण कार्य शुरू कराया जा सके.