दुर्ग: ड्रग्स केस के नाम पर घूस मांगने वाले दो SI सस्पेंड
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस महकमे से भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. पुरानी भिलाई और खुर्सीपार थाने में तैनात दो उपनिरीक्षकों (SI) को रिश्वत मांगने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. एसएसपी विजय अग्रवाल ने शुरुआती जांच में दोनों अधिकारियों की संलिप्तता पाए जाने पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की है.
सस्पेंड किए गए सब इंस्पेक्टर तुलसीराम साहू और देव लाल साहू को फिलहाल लाइन हाजिर (रक्षित केंद्र दुर्ग अटैच) कर दिया गया है.
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया पर कथित घूसखोरी से जुड़े दो ऑडियो तेजी से वायरल हो गए. यह पूरा विवाद पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट (केस क्रमांक 288/2026) से जुड़ा हुआ है.
वायरल रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर सब इंस्पेक्टर तुलसीराम साहू एक महिला से मामले को रफा-दफा करने के एवज में रुपयों की बात करते सुनाई दे रहे हैं. ऑडियो में महिला अपनी मां को छोड़ने की गुहार लगाते हुए 50 हजार रुपये की बात कर रही है, जिसमें से 5 हजार रुपये दिए जाने और बाकी रकम जल्द मैनेज करने का जिक्र है.
वहीं दूसरे ऑडियो में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए महिला यह आरोप लगा रही है कि ड्रग्स की मात्रा को बढ़ा-चढ़ाकर केस बनाया गया है.
पीड़ित महिला, जिसकी पहचान जसबीर के रूप में हुई है, ने पुलिस के उच्च अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का दावा है कि बातचीत के दौरान सब इंस्पेक्टर ने कहा था कि इस रिश्वत की रकम का एक हिस्सा सीनियर अफसरों तक भी पहुंचना है.
इसके अलावा जसबीर ने साइबर क्राइम टीम पर भी दो लाख रुपये की मांग करने का संगीन आरोप लगाया है. महिला ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए घटना से जुड़े संबंधित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और अपने पास मौजूद सभी तकनीकी सबूत व फोन रिकॉर्डिंग्स को सौंपने की बात कही है.
दुर्ग पुलिस ने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं. छावनी नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) को पूरे प्रकरण की शुरुआती जांच कर अगले तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया है.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ आगे की कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की रूपरेखा तय की जाएगी.