दुर्ग: फूड पॉइजनिंग से बेलौदी में हड़कंप, भूपेश बघेल ने जाना मरीजों का हाल
भिलाई । संवाददाता: दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक अंतर्गत आने वाले ग्राम बेलौदी में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग और डायरिया के प्रकोप ने हड़कंप मचा दिया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बुधवार को अपने गृह ग्राम बेलौदी पहुंचे, जहाँ उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों का हालचाल जाना और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए विशेष शिविर का बारीकी से निरीक्षण किया.
बेलौदी में अब तक कुल 54 ग्रामीण उल्टी और दस्त की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें से कई की हालत बिगड़ने पर उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. स्वास्थ्य विभाग के शुरुआती आकलन के मुताबिक, रविवार को आयोजित साप्ताहिक हाट बाजार में दूषित खाद्य पदार्थ (गुपचुप-चाट) का सेवन इस बीमारी की मुख्य वजह हो सकता है.
हालांकि, प्रशासन पानी के नमूनों की भी जांच करवा रहा है ताकि संक्रमण के किसी अन्य स्रोत का पता लगाया जा सके.
निरीक्षण के दौरान भूपेश बघेल ने मेडिकल टीम और तैनात डॉक्टरों से दवाइयों के स्टॉक और उपचार की व्यवस्थाओं पर चर्चा की. उन्होंने मौके से ही दुर्ग सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी को फोन कर निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं में कोई कमी नहीं आनी चाहिए और हर मरीज की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जाए.
बेलौदी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री पाटन स्वास्थ्य केंद्र भी गए, जहां उन्होंने भर्ती मरीजों से मुलाकात कर डॉक्टरों को उनके बेहतर इलाज के निर्देश दिए.
इस संकट के बीच गांव की एक महिला, सरस्वती निषाद की दुखद मृत्यु हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री मृतका के निवास पहुंचे और शोक में डूबे परिजनों को सांत्वना दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा.
वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग की टीमें 24 घंटे गांव में मुस्तैद हैं और दो एंबुलेंस को आपात स्थिति के लिए रिजर्व रखा गया है. सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी ने बताया कि वर्तमान में 16 मरीज विभिन्न अस्पतालों (पाटन, जिला अस्पताल और सेलूद) में उपचाराधीन हैं, जिनकी स्थिति अब स्थिर बनी हुई है.
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे खान-पान में सावधानी बरतें और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तत्काल शिविर में संपर्क करें.