दुर्ग: ऑनलाइन लोन के जाल में फंसकर MR बना चोर, गिरफ्तार
दुर्ग । संवाददाता: दुर्ग में ऑनलाइन लोन के जाल में फंसकर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) से शातिर चोर बने एक आरोपी और उसके साथी को पुलिस ने धरदबोचा है. पुलिस ने इनके पास से करीब 32 लाख रुपये की कीमत का मशरूका बरामद किया है, जिसमें सोने-चांदी के जेवरात और तीन गाड़ियां शामिल हैं. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जामुल निवासी अनुराग मिश्रा (41) और भिलाई निवासी तुषार मिश्रा (40) के रूप में हुई है.
पूछताछ में दोनों ने मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्रों में चोरी की 8 वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है.
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 10 जुलाई 2026 की रात को पुलिस की एक टीम रूटीन नाकेबंदी कर वाहनों की जांच कर रही थी. इसी दौरान एक सफेद रंग की इंडिगो कार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन ड्राइवर ने भागने की कोशिश की.
घेराबंदी कर जब गाड़ी को रोका गया और तलाशी ली गई, तो उसमें से दो एलईडी टीवी, डीवीआर और ताला तोड़ने के औजार बरामद हुए. कड़ाई से पूछताछ और तकनीकी सबूतों के सामने आने के बाद मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
जांच में यह बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई कि मुख्य आरोपी अनुराग साल 2011 से एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर काम कर रहा था और हर महीने 60 से 70 हजार रुपये कमाता था. उसने पुलिस को बताया कि विभिन्न ऑनलाइन लोन ऐप्स से कर्ज लेने के बाद वह भारी ब्याज और आर्थिक दबाव के चक्रव्यूह में फंस गया था. इसी तंगी से बाहर निकलने के लिए उसने अपराध का रास्ता चुना.
हालांकि, पुलिस इस थ्योरी की बारीकी से तफ्तीश कर रही है कि क्या वाकई केवल आर्थिक तंगी ही इस वारदात की वजह थी या इसके पीछे कोई और कहानी है.
वारदात के तौर-तरीकों को लेकर पुलिस ने बताया कि आरोपी एमआर होने के फायदे का इस्तेमाल करता था. उसे आवासीय इलाकों और कॉलोनियों की अच्छी समझ थी. वह दिन के समय रेकी कर ऐसे सूने मकानों को निशाना बनाता था, जहां ताला लटका हो या परिवार बाहर गया हो.
इसके बाद वह रात के सन्नाटे में सब्बल और पेचकस की मदद से दरवाजे तोड़कर नकदी, जेवर और कीमती सामान समेटकर रफूचक्कर हो जाता था.
पकड़े जाने के डर से आरोपी बेहद शातिर तरीके से काम करता था. उसने चोरी के सोने-चांदी के गहनों को सीधे बाजार में बेचने के बजाय मुथूट फाइनेंस, आईआईएफएल और बजाज गोल्ड फाइनेंस जैसी नामी कंपनियों में गिरवी रख दिया था ताकि किसी को शक न हो.
यही नहीं, चोरी की रकम का एक हिस्सा उसने अपने साथी तुषार मिश्रा के बैंक खाते में भी ट्रांसफर किया था. पुलिस ने सभी फाइनेंस कंपनियों से जेवरात बरामद कर लिए हैं. फिलहाल दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दिया गया है और पुलिस इनसे अन्य जिलों में हुई चोरियों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है.