दुर्ग: फरार जालसाज पति-पत्नी 29 दिन बाद गिरफ्तार
दुर्ग । संवाददाता: दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र से निवेश के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी करने वाले एक जालसाज पति-पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. आरोपी पवन हरिहर सिंह और उसकी पत्नी पिंकी सिंह पिछले 29 दिनों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे थे.
पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर दोनों को हिरासत में लिया, जिसके बाद पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया. 19 जून 2026 को पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
इस ठगी का शिकार बनीं फातिमा अहमद उर्फ स्वाती ने जब खुद के ठगे जाने का अहसास हुआ, तो उन्होंने 21 मई 2026 को जामुल थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 345/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी.
तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस टीम की लगातार निगरानी की बदौलत आखिरकार आरोपियों का फरारी का खेल खत्म हो गया. पुलिस ने इन ठगों के पास से धोखाधड़ी से जुड़े दस्तावेज और गिरवी रखे गए सोने के आभूषणों के रिकॉर्ड जैसे कई अहम सबूत जब्त किए हैं.
पकड़े गए दंपती खुद को फाइनेंशियल कंसलटेंट बताते थे और उन्होंने वेस्टिज कंपनी में पैसे लगाकर कम समय में तगड़ा मुनाफा कमाने का झांसा देकर लोगों का भरोसा जीता था. शुरुआत में फातिमा अहमद को थोड़ा लाभ देकर आरोपियों ने उनका विश्वास जीता, जिसके बाद फातिमा ने बड़ी रकम दांव पर लगा दी और इस तरह उनसे करीब 25 लाख रुपए ठग लिए गए.
इतना ही नहीं, इन शातिर ठगों ने फातिमा की सहेली रजनी बारसकर को भी अपनी बातों में फंसाया और निवेश के बहाने उनके सोने के गहने ले लिए. बाद में इन आभूषणों को भिलाई के पावर हाउस चौक स्थित IIFL गोल्ड फाइनेंस में अपने नाम पर गिरवी रखकर लगभग 15 लाख रुपए का लोन उठा लिया.
जब पीड़िताओं ने अपने पैसे और गहने वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे और फिर अचानक गायब हो गए. पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि इस जालसाजी का शिकार सिर्फ यह दो महिलाएं ही नहीं हुई हैं, बल्कि कई अन्य निवेशकों के पैसे भी इस दंपती के पास फंसे हुए हैं.
अन्य पीड़ित भी अब सामने आकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में ठगी का यह आंकड़ा और भी बड़ा होने की पूरी आशंका जताई जा रही है. फिलहाल पुलिस जब्त दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय लेन-देन के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है.