PM मोदी की कोलकाता रैली के लिए जुटाए गए दर्जनों LPG सिलेंडर
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बिगुल फुकने से पहले कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेगा रैली ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है. इस रैली के दौरान समर्थकों के लिए किए गए भोजन के इंतजामों ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. देश भर में घरेलू रसोई गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के बीच, भाजपा की बंगाल इकाई ने रैली में आने वाले एक लाख से अधिक लोगों के लिए भारी मात्रा में सिलेंडर और ओवन का प्रबंध किया है.
ईडन गार्डन्स के पास बनाए गए अस्थायी रसोईघरों में सुबह 3 बजे से ही भोजन बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी.
इस आयोजन के लिए भोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे गंगेश पांडे ने स्वीकार किया कि आपूर्ति संबंधी चिंताओं के बावजूद उन्होंने सिलेंडरों का प्रबंध किया.
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आने वाले समर्थकों को खिलाना उनकी जिम्मेदारी है. मेनू में विशेष रूप से 'डालमा' (ओडिशा का प्रसिद्ध दाल-सब्जी व्यंजन) और चावल जैसे शाकाहारी पकवान शामिल किए गए.
हालांकि, पांडे ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि इन सिलेंडरों के लिए पार्टी को कितनी अतिरिक्त कीमत चुकानी पड़ी या इन्हें वैध वितरकों से प्राप्त किया गया था अथवा नहीं.
दूसरी ओर, राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने में देरी नहीं की.
तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर आयोजन स्थल के पास लगे सिलेंडरों की तस्वीरें साझा करते हुए आरोप लगाया कि जहां आम आदमी एक सिलेंडर के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं मोदी की पार्टी ने रैली को 'पिकनिक' बनाने के लिए भारी मात्रा में सिलेंडर जमा कर लिए हैं.
यह विवाद तब और गहरा गया जब भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने हाल ही में दावा किया था कि राज्य में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है. फिलहाल, यह मुद्दा बंगाल चुनाव से पहले 'आम आदमी बनाम वीआईपी प्रबंधन' की बहस में तब्दील हो गया है.
Common people are struggling to find one LPG cylinder. Meanwhile, Modi’s party workers have hoarded multiple LPG cylinders for a ‘picnic’ at Brigade today during Modi’ sabha pic.twitter.com/n2TRf79erl
— Kunal Ghosh (@KunalGhoshAgain) March 14, 2026