‘गन’तंत्र छोड़कर गणतंत्र में आने वाले युवाओं का स्वागत- उपमुख्यमंत्री
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में माओवाद की विचारधारा और हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं के लिए शुक्रवार का दिन एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना. राज्य के 120 पुनर्वासित युवाओं के दल ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचकर सदन की कार्यवाही और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया.
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इन युवाओं का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि जो युवा ‘गन’तंत्र का रास्ता छोड़कर गणतंत्र की मुख्यधारा में लौटे हैं, उनका राज्य सरकार हृदय से अभिनंदन करती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान का मार्ग ही शांति, विकास और समृद्धि का एकमात्र रास्ता है.
विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी इन युवाओं से मुलाकात की और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा छोड़कर संविधान के मंदिर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का साक्षी बनना इस बात का प्रमाण है कि समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है.
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पुनर्वासित युवाओं की सुरक्षा, सम्मान और उनके आत्मनिर्भर जीवन के लिए पुनर्वास नीति को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है.
इस तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के दौरान युवाओं ने सदन की कार्यप्रणाली को समझा, जो उनके लिए एक प्रेरणादायी अनुभव रहा. 120 सदस्यीय इस दल में 66 पुरुष और 54 महिलाएं शामिल हैं, जिन्होंने अब संविधान और कानून के दायरे में रहकर समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया है.
अवसर पर मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्यों ने भी युवाओं से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि शासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है. यह पहल उन युवाओं के लिए एक नई शुरुआत है जो अब गन (बंदूक) की जगह गणतंत्र को अपनाकर देश की प्रगति में सहभागी बनना चाहते हैं.