डेढ़ करोड़ का इनामी माओवादी महासचिव बसवराजू मारा गया
जगदलपुर | संवाददाता: सीपीआई माओवादी के महासचिव बसवराजू को पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया है. 70 साल के बसवराजू को 2018 में माओवादी संगठन के शीर्ष पद की जिम्मेवारी सौंपी गई थी.
नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन में बुधवार को DRG के जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. एक तरफ जहाँ इस मुठभेड़ में जवानों ने 27 नक्सलियों को मार गिराया है ,वही दूसरी तरफ मारे गए इन नक्सलियों में डेढ़ करोड़ के ईनामी नक्सली सेंट्रल कमेटी मेंबर, पोलित ब्यूरो, सेंट्रल मिलेट्री कमीशन और सीपीआई माओवादी संगठन में महासचिव बसवराजू के भी मारे जाने की पुष्टि हो गई है.
बसव राजू उर्फ नम्बाला केशव राव एक ऐसा नाम है, जिसने छत्तीसगढ़ में ही नहीं बल्कि आंध्र प्रदेश ,तेलंगाना, महाराष्ट्र और उड़ीसा के इलाके में पिछले 40 सालो से सक्रिय रहकर माओवादी संगठन को मज़बूती प्रदान की.
बसव राजू के मारे जाने से माओवादी संगठन को एक बड़ा झटका लगा है.
दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय के मुताबिक कर्रेगुट्टा में चलाए गए ऑपरेशन के बाद नक्सली अलग-अलग टुकड़ों में बट गए और सेफ जोन तलाश रहे थे. इसके बाद खुफिया विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर के सीमावर्ती डोंडरीबेड़ा के इलाके में बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजदूगी की सूचना मिली थी.
इस सूचना के बाद जवानों ने सर्च ऑपरेशन चलाया और इस ऑपरेशन में बसव राजू समेत 27 नक्सलियों को मार गिराया. एसपी ने दावा किया है कि मारे गए नक्सलियों में और भी कई बड़े लीडर हैं, जिसमें बसव राजू का गनमैन भी है.
मारे जाने वालों में इसके अलावा DKSZC रैंक के भी नक्सली शामिल हैं. फिलहाल जवान देर शाम तक मारे गए नक्सलियो के शवों को लेकर नारायणपुर मुख्यालय पहुंचेंगे.
एसपी गौरव राय का कहना है कि नक्सलियों के शवों के साथ उनके ऑटोमेटिक वेपंस और बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामान भी जवानों ने घटनास्थल से बरामद किया है.
इस मुठभेड़ में DRG का एक जवान शहीद हो गया है, जबकि अन्य 3 जवानों को मामूली चोट आई है.
कौन था डेढ़ करोड़ का इनामी बसव राजू
खुफिया विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक लगभग 70 साल के नम्बला केशव राव उर्फ बसवराजू उर्फ नरसिम्हा राव उर्फ प्रकाश पर डेढ़ करोड़ का इनाम घोषित था.
बसवराजू पर करीब डेढ़ करोड़ का इनाम घोषित था. उसे पिछले 40 साल से छत्तीसगढ़, आंध्रा और महाराष्ट्र की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी.
बसवराजू आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के टेक्क़ली तहसील के जियनापेट्टा गांव का रहने वाला था और उसने वारंगल रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज से एमटेक किया है.
सन 1981 में छात्र आंदोलन के दौरान जेल जाने वाले बसवराजू ने जेल से निकलने के बाद माओवादी संगठन का रुख किया और वह भूमिगत हो गया.
अलग-अलग पदों पर काम करने वाला बसवराजू पिछले 34 सालों से पीपुल्स वार ग्रूप और फिर सीपीआई माओवादी की सेंट्रल कमेटी का सदस्य था. नक्सली मिलट्री कमीशन में सचिव रहने के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए कई बड़े नक्सली वारदातों उसकी बड़ी भूमिका मानी जाती है. उसे 2018 में गणपति की अस्वस्थता के बाद सीपीआई माओवादी का महासचिव बनाया गया था.
माओवादी संगठन को बड़ा झटका
इधर खुफिया विभाग को बसव राजू के बस्तर के अबूझमाड़ के जंगलों में छिपे होने की जानकारी लगातार मिल रही थी. दामोदर, हिड़मा और बसवराजू जैसे नक्सलियों के छुपे होने की आशंका पर ही 21 दिनों तक कर्रेगुट्टा में ऑपरेशन चलाया गया और इस ऑपरेशन में 31 माओवादियों को मार गिराया गया.
इसके बाद बिखरे नक्सलियों की तलाश करने DRG के जवानों की टीम लगातार जुटी हुई थी और बुधवार को आखिरकार डीआरजी के जवानों ने बसव राजू समेत 27 नक्सलियों को मार गिराया.
गृहमंत्री अमित शाह ने क्या कहा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में माओवादियों के ख़िलाफ़ एक ऑपरेशन की जानकारी दी है.
गृह मंत्री ने बताया है कि आज सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 27 माओवादी मारे गए हैं, जिनमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (सीपीआई-माओवादी) के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ़ बसवराजू भी शामिल हैं.
अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट किया, "नक्सलवाद को खत्म करने की लड़ाई में एक ऐतिहासिक उपलब्धि. आज, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में एक ऑपरेशन में, हमारे सुरक्षा बलों ने 27 खूंखार माओवादियों को मारा है, जिनमें सीपीआई-माओवादी के महासचिव, शीर्ष नेता और नक्सल आंदोलन के बैकबोन नंबाला केशव राव उर्फ़ बसवराजू भी शामिल हैं."
शाह ने लिखा, "नक्सलवाद के ख़िलाफ़ भारत की लड़ाई के तीन दशकों में ऐसा पहली बार है कि हमारे बलों ने एक महासचिव स्तर के नेता को मारा है. मैं इस बड़ी सफलता के लिए हमारे बहादुर सुरक्षा बलों और एजेंसियों की सराहना करता हूँ."
इसके अलावा, अमित शाह ने बताया कि ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट के पूरा होने के बाद, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र में 54 नक्सलियों को गिरफ़्तार किया गया है और 84 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.