रवि, 18 अक्टू. 2026

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साय सरकार का विरोध, हिरासत में कांग्रेसी

छत्तीसगढ़ के बस्तर में साय सरकार का विरोध करते हुए कांग्रेसी गिरफ्तार

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16 अप्रै. 2025, 01:26 PM 3 मिनट में पढ़ें 2

साय सरकार का विरोध
साय सरकार का विरोध

जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बस्तर में आयोजित ‘विकसित बस्तर की ओर’ कार्यक्रम को लेकर जगदलपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बैठक करने पहुंचे थे.


कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री की बैठक का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया. इस दौरान कांग्रेसी काले झंडे भी लहरा रहे थे. 

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मुख्यमंत्री के पास पहुंचने से पहले ही कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पूर्व विधायक सहित एक दर्जन से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.


हल्की झूमाझटकी के बाद कांग्रेसियों को काबू में लेते हुए पुलिस ने उनके पास से काले झंडे जप्त कर लिए.


जिला कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि शहर के निजी होटल में निजी कारोबारी से बैठक कर, मुख्यमंत्री उनसे राय शुमारी कर रहे हैं.


जबकि मुख्यमंत्री को सरकारी आवास में या ऑफिस में यह बैठक करनी चाहिये थी.


जिससे सरकार के पैसे भी बचते और बैठक को लेकर पारदर्शिता भी रहती. 

स्थानीय मुद्दों पर सरकार का नहीं

प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बस्तर में इंद्रावती नदी में पानी नहीं है. सरकार इस समस्या का समाधान नहीं कर पा रही है.


स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है और ऐसे कई समस्याएं हैं जिन पर ध्यान देने की बजाय मुख्यमंत्री बस्तर को विकसित बस्तर बनाने की केवल घोषणाएं कर रहे हैं.


निजी होटल में बैठक कर रहे हैं.


सूखती इंद्रावती नदी को लेकर चिंता नहीं 

दरअसल मुख्यमंत्री के बस्तर प्रवास के दूसरे दिन जिला कांग्रेस कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी. 


बैठक के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेसी काला झंडा लेकर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें कांग्रेस भवन के पास ही हिरासत में ले लिया.


इस दौरान कांग्रेसियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.


कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि बस्तर में ऐसे कई ज्वलंत मुद्दे हैं, जिनका समाधान करने में सरकार नाकामयाब साबित हो रही है.


मुख्यमंत्री निजी होटल में बैठक के नाम पर पिकनिक मनाने आ रहे हैं.


वर्तमान में बस्तर जल संकट की समस्या से जूझ रहा है.


इंद्रावती विकास प्राधिकरण के कार्यालय में डेढ़ साल से ताला लगा है और नदी सूख रही है.

टारगेट कर कांग्रेसियों पर छापा

सुशील मौर्य ने कहा कि कनिष्ठ चयन बोर्ड का भी कोई अता-पता नहीं है. रावघाट रेल परियोजना का काम भी पिछले कई सालों से अटका हुआ है.


केंद्र में तीसरी बार मोदी की सरकार बनने के बावजूद भी बस्तर में रेल सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पा रहा है और ना ही राज्य सरकार इस पर ध्यान दे रही है.


मौर्य का कहना है कि बैठक के नाम पर निजी होटल में लाखों रुपए जनता के पैसे से खर्च किए जा रहे हैं.


जिला अध्यक्ष ने कहा कि यह बैठक जिला कार्यालय में भी हो सकती थी, लेकिन फिजूल खर्ची के लिए आलीशान होटल में यह बैठक रखी गई.


इसके अलावा जिला अध्यक्ष ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद खात्मे की बात करते हुए लगातार बस्तर की खदानों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है.


 टारगेट कर कांग्रेसियों के घरों पर ईडी, एसीबी और ईओडब्ल्यू का छापा मारा जा रहा है.


इधर इससे पहले कि कांग्रेसी राजीव भवन से जिला कार्यालय तक पहुंच पाते पुलिस ने सभी कांग्रेसियों को राजीव भवन के पास ही हिरासत में ले लिया और बोधघाट , परपा और कोतवाली ले आयी.



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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP