कोयला लेवी घोटाला: पूर्व कांग्रेस कोषाध्यक्ष के PA डडसेना की जमानत अर्जी खारिज
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने 540 करोड़ रुपये के कथित कोयला लेवी घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में देवेंद्र डडसेना की नियमित जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है. न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास की एकल पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया कि आर्थिक अपराध समाज और देश की वित्तीय सेहत के लिए एक गंभीर खतरा हैं, जिन्हें सामान्य अपराधों की तरह नहीं देखा जा सकता.
अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री प्रथम दृष्ट्या आरोपी की संलिप्तता को दर्शाती है, इसलिए उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता.
बता दें कि देवेंद्र डडसेना, पूर्व प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के निजी सहायक के रूप में कार्यरत थे. अभियोजन पक्ष के अनुसार, डडसेना पर अवैध रूप से वसूली गई लेवी राशि को संभालने और उसे राजनीतिक उद्देश्यों के लिए वितरित करने का गंभीर आरोप है.
आरोपी की ओर से अन्य सह-आरोपियों के साथ समानता के आधार पर जमानत मांगी गई थी, लेकिन कोर्ट ने इसे यह कहते हुए ठुकरा दिया कि जिन आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है, वे लगभग दो साल जेल में बिता चुके थे, जबकि डडसेना की गिरफ्तारी हाल ही में 18 जुलाई 2025 को हुई है.
अदालत ने अपने फैसले में जोर दिया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की धाराओं के तहत दर्ज यह मामला एक गहरी साजिश का हिस्सा है, जिसमें निजी व्यक्तियों, सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों की मिलीभगत सामने आई है.
राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई थी कि मामले की जांच और ट्रायल में देरी के लिए केवल अभियोजन पक्ष जिम्मेदार नहीं है.
हाईकोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए कहा कि साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका और सार्वजनिक धन की भारी हानि को देखते हुए आरोपी को राहत देना उचित नहीं होगा. फिलहाल डडसेना को जेल में ही रहना होगा, हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन टिप्पणियों का ट्रायल के मुख्य परिणामों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.