कोल लेवी मामला: EOW ने दो आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दायर की
रायपुर । संवाददाता: आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने अवैध कोयला लेवी रंगदारी मामले में दो आरोपियों- देवेंद्र दडसेना और नवनीत तिवारी-के खिलाफ एक पूरक चार्जशीट दायर किया. यह मामला 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा सामने लाया गया था और बाद में इसकी जाँच EOW द्वारा की गई.
1,500 पन्नों से अधिक का यह आरोप पत्र रायपुर की विशेष अदालत (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) में भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की कई धाराओं के तहत प्रस्तुत किया गया. दोनों आरोपी इस समय रायपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं.
चार्जशीट IPC की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 384 (रंगदारी), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (जालसाजी और जाली दस्तावेजों का उपयोग) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7ए, और 12 के तहत दायर की गई है. EOW अधिकारी के अनुसार, यह हाई-प्रोफाइल कोयला लेवी मामले में तीसरी चार्जशीट है.
EOW के बयान के अनुसार, आरोपी देवेंद्र दडसेना, जो कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के निजी सहायक के रूप में काम करता था, ने अवैध कोयला लेवी उगाही नेटवर्क से एकत्र की गई बड़ी रकम प्राप्त करने और ट्रांसफर करने में महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी.
EOW ने कहा कि दडसेना पैसों के प्रवाह की कड़ी में मुख्य व्यक्ति था, जो इस घोटाले में शामिल विभिन्न साजिशकर्ताओं को अवैध फंड भौतिक रूप से प्राप्त करने, रखने और पहुँचाने के लिए जिम्मेदार था.
एजेंसी ने बताया कि रायपुर के कांग्रेस भवन से बरामद सबूत, जहाँ "भवन" कोड नाम से एंट्री दर्ज की जाती थी, उसके माध्यम से किए गए अवैध लेनदेन की पुष्टि करते हैं.
सह-आरोपी नवनीत तिवारी को अवैध कोयला लेवी सिंडिकेट का एक सक्रिय सदस्य बताया गया है.
उन पर आरोप है कि उन्होंने मुख्य आरोपी और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली सूर्यकांत तिवारी के निर्देश पर रायगढ़ जिले में कोयला ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों से जबरन वसूली की और धमकी भरे हथकंडों का इस्तेमाल करके करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की.