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CM साय ने सिंधिया से की मुलाकात, 2,305 नए टावरों की मांगी मंजूरी

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31 जुल. 2026, 01:46 PM 2 मिनट में पढ़ें 2

साय-सिंधिया
साय-सिंधिया

रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने अपनी कवायद तेज कर दी है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली के संचार भवन में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर राज्य में दूरसंचार सुविधाओं के विस्तार पर गहन चर्चा की. 


इस दौरान मुख्यमंत्री ने डिजिटल भारत निधि योजना के तहत राज्य के दुर्गम, सीमावर्ती और जनजातीय इलाकों के लिए प्रस्तावित 2,305 नए मोबाइल टावरों को जल्द से जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया, ताकि हर नागरिक तक हाई-स्पीड इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सके.

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राज्य में मोबाइल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे प्रशासनिक कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सरकार स्वीकृत परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में जुटी है. कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्वीकृत किए गए 577 अतिरिक्त टावरों में से 489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) सौंपे जा चुके हैं. 


बाकी बचे 88 स्थानों की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है और वहां भी जल्द ही अनुमति दे दी जाएगी. बीएसएनएल ने एनओसी प्राप्त स्थलों पर टावर लगाने का काम शुरू कर दिया है और जिला प्रशासन को बिना किसी देरी के समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए हैं.


कठिन अंचलों में 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार का शुक्रिया अदा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को छत्तीसगढ़ के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनका मुख्य लक्ष्य है. 


बस्तर जैसे सुदूर इलाकों में बदलती परिस्थितियों के बीच मजबूत नेटवर्क शांति और विकास की गति को और तेज करेगा. इस विस्तार का सबसे ज्यादा लाभ ग्रामीण छात्रों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को मिलेगा.


दूरसंचार नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण से शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और सुशासन की राह बेहद आसान हो जाएगी. अब विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई और युवाओं के लिए कौशल विकास के नए रास्ते खुलेंगे, वहीं वनांचल के लोगों को टेलीमेडिसिन के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह आसानी से मिल सकेगी. 


इसके अलावा डिजिटल भुगतान, direct benefit transfer (डीबीटी) और विभिन्न सरकारी योजनाओं की सेवाएं ग्रामीणों को उनके घर के पास ही सुलभ होंगी. तकनीक को सिर्फ शहरों तक सीमित न रखकर दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचाना ही राज्य में एक नए सामाजिक-आर्थिक बदलाव की नींव रख रहा है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP