वैश्विक उथल-पुथल के बीच स्थिर विकास के साथ उभरी चीनी अर्थव्यवस्था
भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा की आसमान छूती कीमतों के बीच चीन की अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय मजबूती का प्रदर्शन किया है. पहली तीन तिमाहियों में स्थिर विकास दर और औद्योगिक रफ्तार के बल पर चीन वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है.
बीजिंग । डेस्क: अनिश्चित अंतरराष्ट्रीय माहौल, गहराते भू-राजनीतिक संकट और कच्चे माल की आसमान छूती कीमतों के बीच दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर अपनी मजबूती साबित की है. वैश्विक आर्थिक सुस्ती की आशंकाओं को दरकिनार करते हुए चीन के आर्थिक आंकड़ों ने अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों और बाजार विशेषज्ञों के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है. इस स्थिर प्रदर्शन से न केवल घरेलू बाजार को सहारा मिला है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी भरोसे का संचार हुआ है.
पहली तीन तिमाहियों में मजबूत जीडीपी वृद्धि
चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष की पहली तीन तिमाहियों के दौरान देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सालाना आधार पर 4.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. वहीं, अकेले तीसरी तिमाही में आर्थिक विकास दर 4.5 प्रतिशत रही. मध्य पूर्व में तनाव के कारण बढ़ी ऊर्जा लागतों और वैश्विक व्यापार में जारी अनिश्चितता के बावजूद इस प्रदर्शन को विदेशी मीडिया द्वारा उम्मीद से बेहतर माना जा रहा है. अलग-अलग वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के बीच बनते-बिगड़ते रुझानों के दौर में यह स्थिरता दुनिया के लिए एक संतुलित आधार तैयार कर रही है.
औद्योगिक उत्पादन और उच्च तकनीक विनिर्माण में उछाल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति और मांग के बदलते ढांचे के बावजूद चीन का औद्योगिक क्षेत्र मजबूती से टिका हुआ है. राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख औद्योगिक उद्यमों के मूल्य वर्धित उत्पादन में पहली तीन तिमाहियों में 5.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. इस दौरान सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन उच्च तकनीक विनिर्माण क्षेत्र का रहा, जिसमें 14.3 प्रतिशत की तेज वृद्धि देखी गई. यह दर सामान्य औद्योगिक वृद्धि से काफी अधिक है. 3D प्रिंटिंग उपकरण, लिथियम-आयन बैटरी और औद्योगिक रोबोटिक्स जैसे अत्याधुनिक उत्पादों के उत्पादन में आई तेजी ने न केवल देश की घरेलू औद्योगिक संरचना को आधुनिक बनाया है, बल्कि वैश्विक तकनीकी परिवर्तन को भी गति दी है.
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए सुरक्षा कवच
संसार के विनिर्माण केंद्र और मध्यवर्ती वस्तुओं के प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में चीन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण बनी हुई है. औद्योगिक मोर्चे पर निरंतर उत्पादन से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आवश्यक घटकों, कच्चे माल और मशीनों की सुचारू आपूर्ति बनी हुई है. इससे वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट और सामान की कमी का जोखिम काफी हद तक कम हो गया है. व्यापार प्रक्रियाओं के सरलीकरण और उच्च स्तरीय आर्थिक खुलेपन की नीतियों ने विश्व भर के उद्यमों के लिए एक विश्वसनीय व्यावसायिक माहौल सुनिश्चित किया है.
व्यापार विस्तार और आयात में बड़ा उछाल
सीमा शुल्क सामान्य प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, पहली तीन तिमाहियों में चीन के आयात में 22.3 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है, जो निर्यात वृद्धि दर से भी अधिक है. यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि चीनी बाजार विदेशी वस्तुओं, सेवाओं और नई तकनीकों को बड़े पैमाने पर अपनाने की क्षमता रखता है. व्यापार घाटे की बहस के बीच आयात के ये आंकड़े दर्शाते हैं कि देश लगातार वैश्विक कारोबारियों के लिए नए ऑर्डर और अवसर पैदा कर रहा है. आने वाले चीन अंतरराष्ट्रीय आयात एक्सपो में हजारों विदेशी कंपनियों की भागीदारी इस खुलेपन को और अधिक मजबूती देगी.
घरेलू खपत और पर्यटन क्षेत्र में नई जान
घरेलू स्तर पर आम नागरिकों की आय और क्रय शक्ति में भी निरंतर सुधार देखने को मिल रहा है. इस अवधि में ग्रामीण और शहरी परिवारों की प्रति व्यक्ति प्रयोज्य आय में वास्तविक बढ़त दर्ज हुई है, जिसके परिणामस्वरूप खुदरा बिक्री और उपभोक्ता सेवाओं में वृद्धि हुई है. इसके साथ ही, वीज़ा-मुक्त प्रवेश नीतियों के चलते विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल आया है, जिससे प्रस्थान कर-वापसी (टैक्स-रिफंड) खर्च में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. नवाचार-आधारित उत्पादन और मजबूत घरेलू मांग के दम पर चीनी अर्थव्यवस्था अब दीर्घकालिक विकास की ओर बढ़ रही है.