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बच्चों का स्कूल छोड़ना व्यक्तिगत ही नहीं राष्ट्रीय क्षति- पॉल

राजधानी रायपुर में नीति आयोग की कार्यशाला

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Hupendra Sharma

29 अग. 2025, 12:37 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

कार्यशाला
कार्यशाला

रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित नीति आयोग की कार्यशाला में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि शिक्षा मानव पूंजी निर्माण का आधार है और हर बच्चे को समान अवसर मिलना चाहिए. 


उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्कूलों में 93 प्रतिशत नामांकन है, लेकिन अपर प्राइमरी में आते तक तीन प्रतिशत बच्चे छूट जाते हैं. सेकेंडरी स्तर पर केवल 56 प्रतिशत बच्चे ही पढ़ते हैं. वहीं 12वीं कक्षा के आते तक मात्र 23 प्रतिशत छात्र ही पहुंचते हैं. यह व्यक्तिगत ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय क्षति भी है.


वहीं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि शिक्षा में समानता और सशक्तिकरण की दिशा में मेंटरशिप की भूमिका निर्णायक है. बहुत से युवाओं को यह स्पष्ट नहीं होता कि जीवन में आगे क्या करना है. करियर गाइडेंस और मेंटरशिप इस कमी को दूर कर सकती है.


नीति आयोग ने राजधानी रायपुर में Fostering Mentorship in Education: A Pathway to Equity विषय पर राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की.


इस कार्यशाला में विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और हितधारकों ने शिक्षा में समानता लाने, ड्रॉपआउट दर घटाने और युवाओं को अवसरों से जोड़ने के लिए अपने अनुभव साझा किए. 


कार्यशाला में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने आगे कहा कि हमारा देश मानव-केंद्रित दर्शन से समृद्ध है. हमें ऐसा सिस्टम बनाना होगा, जिसमें हर बच्चे को मेंटरशिप मिले, हमें एनईपी 2020 यही रास्ता दिखाती है. 


उन्होंने बताया कि साल 2019 से 2023 तक केंद्रीय विश्वविद्यालयों से 15 हजार ओबीसी, एससी, एसटी छात्रों ने पढ़ाई छोड़ी, जबकि आईआईटी और आईआईएम से 4 हजार से अधिक छात्र बाहर हुए.


वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ की जनसांख्यिकीय ताकत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की औसत आयु 28 वर्ष है, जबकि छत्तीसगढ़ की औसत आयु मात्र 24 वर्ष है. यह हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, हमें युवाओं को अर्थव्यवस्था से जोड़ना होगा, ताकि वे विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दे सकें.


वित्त मंत्री चौधरी ने स्थानीय भाषा और संस्कृति आधारित शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्र के बच्चों के जीवन का जुड़ाव जंगलों और झरनों से है. उन्हें इसी के अनुरूप अक्षर ज्ञान देना चाहिए. एनईपी 2020 का स्थानीय बोलियों पर फोकस सही दिशा है.


उन्होंने सरकारी स्कूलों की चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि हमें नवोदय विद्यालय जैसे मॉडल अपनाने होंगे. नीति आयोग को देश भर की इनोवेटिव प्रैक्टिस को साझा प्लेटफॉर्म पर लाना चाहिए, ताकि शिक्षा में समानता सुनिश्चित की जा सके.ै.


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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP