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छत्तीसगढ़: लकवाग्रस्त मरीज को खाट पर लादकर 15 किमी पैदल चले ग्रामीण

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19 मार्च 2026, 02:25 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

इंजेस्कशन
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गरियाबंद । डेस्क: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को शर्मसार करने वाली एक हृदय विदारक घटना सामने आई है. ग्राम भालूडीग में एक 60 वर्षीय लकवाग्रस्त मरीज, मनूराम कमार को समय पर एम्बुलेंस न मिल पाने के कारण ग्रामीणों को उसे बांस और खाट से बने देसी स्ट्रेचर पर लादकर करीब 15 किलोमीटर का दुर्गम रास्ता पैदल तय करना पड़ा. 


इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे और सड़क संपर्क की दावों की पोल खुल गई है.

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मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह मनूराम कमार अचानक बेहोश होकर गिर पड़े, जिसके बाद उनमें लकवे के लक्षण दिखाई दिए. परिजनों ने 108 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन खराब मोबाइल नेटवर्क और सड़क न होने के कारण मदद नहीं मिल सकी. 


हार मानकर ग्रामीणों ने खुद ही मोर्चा संभाला और पथरीले रास्तों व पहाड़ियों के बीच से मरीज को अपने कंधों पर उठाकर डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद कुल्हाड़ीघाट पहुंचाया. वहां से एक निजी वाहन के जरिए उन्हें मैनपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया.


डॉक्टरों के अनुसार, मरीज को स्ट्रोक आया है जिससे उनके शरीर का दाहिना हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया है. इस मामले में अधिकारियों की प्रतिक्रिया भी चौंकाने वाली रही. 


ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ने घंटों तक घटना की जानकारी होने से इनकार किया, जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने खराब नेटवर्क और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को बचाव का आधार बनाया. 


यह घटना उन दावों पर गंभीर सवाल खड़ा करती है जो सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी की बात करते हैं. आए दिन गर्भवती महिलाओं और मरीजों को इस तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जो राज्य के स्वास्थ्य विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती और चिंता का विषय है. Symbolic Photo

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP