आमगांव ओपन कास्ट माइंस विवाद: महिलाओं पर CISF का क्रूर लाठीचार्ज, दो घायल
अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कोयला खनन का विवाद ने तूल पकड़ लिया है. विश्रामपुर क्षेत्र के आमगांव ओपन कास्ट माइंस में विस्तार कार्य के खिलाफ खड़े ग्रामीणों, खासकर महिलाओं पर शनिवार को सीआईएसएफ के जवानों ने लाठियां बरसाईं. इस हिंसक कार्रवाई में कम से कम दो महिलाओं को गंभीर चोटें लगीं, जिससे इलाके में आक्रोश की लहर दौड़ गई.
स्थानीय विधायक भूलन सिंह मरावी ने घटनास्थल पर पहुंचकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और साफ शब्दों में कहा कि बिना उचित मुआवजे और नौकरियों के विस्तार की कोई गुंजाइश नहीं.
घटना तब घटी जब एसईसीएल के अधिकारी और सुरक्षाकर्मी बिना किसी पूर्व चेतावनी के भारी मशीनरी लेकर पटना गांव की सीमा पर खुदाई शुरू करने पहुंचे. ग्रामीण महिलाओं ने इसका जमकर विरोध किया, लेकिन जवाब में लाठियों का कहर टूट पड़ा.
हमलावरों ने महिलाओं को पीछा कर पीटा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. तभी संयोग से पटना के जनपद अध्यक्ष गुलाब सिंह और सदस्य कवल साय सिंह वहां से गुजर रहे थे. उन्होंने फौरन बीच-बचाव किया और हालात को काबू में लाया. खबर फैलते ही सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए, जबकि आरोपी गार्ड फरार हो चुके थे.
इस पूरे मामले की जड़ पटना गांव की अधिग्रहित जमीन में छिपी है. आमगांव माइंस के विस्तार के लिए ली गई इस जमीन के बदले 364 प्रभावित परिवारों को नौकरी, मुआवजा और अन्य लाभ मिलने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक एसईसीएल ने कोई कदम नहीं उठाया.
ग्रामीणों का मानना है कि बिना पूरे हक के वे किसी भी कीमत पर विस्तार की इजाजत नहीं देंगे. विधायक मरावी ने कलेक्टर और एसपी से फोन पर बात की, जिसके बाद थानेदार व तहसीलदार मौके पर भेजे गए. उन्होंने उपक्षेत्रीय प्रबंधक को चेतावनी दी कि एक इंच भी आगे बढ़ने की कोशिश न हो.
घटना के बाद पीड़ित महिलाओं ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है. टीआई को निर्देश मिले हैं कि दोषियों पर सख्त एक्शन लिया जाए.
फिलहाल इलाके में तनाव बरकरार है और एसईसीएल के प्रति ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर पहुंच चुका है. प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए सतर्कता बरतने के आदेश जारी किए हैं, लेकिन ग्रामीणों का आंदोलन किसी न किसी रूप में जारी रहने के संकेत दे रहा है.