सुकमा में 27 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, ₹50 लाख का सामूहिक इनाम था
सुकमा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले में बुधवार को एक बड़ी सफलता हासिल हुई, जब 27 नक्सलियों ने पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. इनमें 10 महिलाएँ भी शामिल थीं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में से 16 नक्सलियों पर कुल ₹50 लाख का सामूहिक इनाम घोषित था.
सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि नक्सलियों ने "खोखली" माओवादी विचारधारा से मोहभंग, निर्दोष आदिवासियों पर अत्याचार, और सुरक्षा बलों के बढ़ते प्रभाव को आत्मसमर्पण का कारण बताया.
इन नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ सरकार की 'नियाद नेलनार' योजना (जिसका उद्देश्य दूरदराज के गाँवों में विकास कार्य करना है) और राज्य की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होने की बात कही.
आत्मसमर्पण करने वालों में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) बटालियन नंबर 1 का सदस्य ओयाम लखमू भी शामिल है, जिसे माओवादियों की सबसे मजबूत सैन्य इकाई माना जाता था. उस पर ₹10 लाख का इनाम था.
इसके अलावा, PLGA बटालियन नंबर 1 की सैन्य पलटन इकाई का पार्टी सदस्य माडवी भीमा, और क्षेत्रीय सैन्य कंपनी नंबर 2 की सदस्य सुनीता उर्फ कवासी सोमदी और सोडी मासे पर प्रत्येक पर ₹8 लाख का इनाम था.
बाकी आत्मसमर्पण करने वाले अन्य कैडरों में एक पर ₹3 लाख, दो पर ₹2 लाख प्रत्येक, और नौ पर ₹1 लाख प्रत्येक का इनाम घोषित था.
सभी आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को ₹50,000 की तत्काल सहायता प्रदान की गई है, और उन्हें सरकारी नीति के अनुसार आगे पुनर्वासित किया जाएगा.