छत्तीसगढ़ SIR: मतदाता सूची से कटे 27 लाख नाम, जानें क्या है वजह
रायपुर । संवाददाता: भारत निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के आंकड़े जारी कर दिए हैं. इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिला है. आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में कुल 27 लाख से अधिक नामों को मतदाता सूची से हटा दिया गया है.
राज्य चुनाव आयोग को इस प्रक्रिया के दौरान कुल 1,84,95,920 गणना फॉर्म प्राप्त हुए थे. गहन सत्यापन के बाद आयोग ने पाया कि लाखों मतदाता अब सूची में रहने के पात्र नहीं थे. मुख्य रूप से नाम हटने के तीन बड़े कारण सामने आए हैं:
मृतक मतदाता: लगभग 6,42,234 मतदाताओं के नाम मृत्यु के कारण हटाए गए हैं.
स्थानांतरित (Shifted): 19,13,540 ऐसे मतदाता पाए गए जो या तो अपनी जगह से कहीं और शिफ्ट हो गए हैं या अपने पते पर मौजूद नहीं थे.
दोहराव (Duplication): 1,79,043 मतदाता ऐसे थे जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे.
छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में भी बड़े स्तर पर छंटनी की गई है. वहां करीब 43 लाख मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हुए हैं. मध्य प्रदेश में अब कुल मतदाताओं की संख्या 5,31,31,983 रह गई है, जो अक्टूबर में 5.74 करोड़ के करीब थी. इसके अलावा केरल में भी 22 लाख नाम हटाए गए हैं.
निर्वाचन आयोग की इस कार्रवाई पर राजनीतिक दलों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं. कई दलों ने इस पूरी प्रक्रिया को विवादास्पद बताया है. अब अगले चरण में इन नामों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है.
यह विशेष अभियान अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में चलाया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाना है.