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कैंसरग्रस्त पत्नी को बाइक में लेकर भटकता समलू सिंह

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11 नव. 2025, 01:17 PM 2 मिनट में पढ़ें 2

बाइक एंबुलेंस
बाइक एंबुलेंस

कबीरधाम । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाके में एक ऐसी दर्द भरी कहानी सामने आई है, जहां गरीबी और बीमारी ने एक बुजुर्ग की जिंदगी को त्रासदी में बदल दिया है. वनांचल क्षेत्र के नगवाही गांव के निवासी 65 वर्षीय समलू सिंह मरकाम अपनी बीमार साथी के लिए जान की बाजी लगा रहे हैं. थायरॉइड कैंसर की चपेट में आई उनकी पत्नी कपूरा मरकाम को वे पुरानी बाइक पर ही लादकर मीलों दूर अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं, बिना किसी सहारे के.


तीन सालों से चली आ रही इस कष्टमयी यात्रा में समलू सिंह ने दुर्ग, रायपुर से लेकर मुंबई के बड़े चिकित्सा केंद्रों तक का सफर तय किया है. बाइक के पिछले हिस्से पर लकड़ी का एक साधारण तख्ता बांधकर वे पत्नी को सुरक्षित रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन हर कदम पर खतरा मंडराता रहता है. "मेरी कपूरा को बचाना है, चाहे जो हो जाए," समलू सिंह ने बताया, उनकी आंखों में आंसुओं के साथ-साथ हिम्मत की चमक साफ झलक रही थी.

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इस लंबे संघर्ष ने उनके परिवार को आर्थिक रूप से पूरी तरह लील लिया है. घरेलू सामान, सोने-चांदी के आभूषण और यहां तक कि अनाज के भंडार तक बेच डाले गए. रिश्तेदारों से मिन्नतें करके लिए गए कर्ज ने खर्च का आंकड़ा 5-6 लाख रुपये तक पहुंचा दिया, लेकिन पूर्ण उपचार की सुविधा नहीं मिल सकी. अब न तो एंबुलेंस का किराया जुटा पा रहे हैं, न ही चारपहिया वाहन का इंतजाम. मजबूरी में बाइक ही एकमात्र सहारा बन गई है, जहां पत्नी को बांधकर ही ले जाना पड़ता है.


कुछ हफ्ते पहले स्थानीय कवर्धा विधायक और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात के दौरान थोड़ी राहत मिली. उन्होंने 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और कपूरा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया. लेकिन हालत बिगड़ते ही उन्हें फिर से गांव वापस लाना पड़ा. 


समलू सिंह अब समाज के हर उस व्यक्ति से गुहार लगा रहे हैं, जो उनकी पुकार सुन सके. "बस थोड़ी-सी मदद से मेरी पत्नी का इलाज संभव हो सकता है. कृपया सहारा दें, ताकि वह फिर से स्वस्थ हो सके," उनकी आवाज में निराशा के साथ अपनापन साफ सुनाई देता है.


यह घटना न केवल एक परिवार की व्यथा को उजागर करती है, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की कमी पर भी सवाल खड़े करती है. प्रशासन और समाज दोनों को अब ऐसे मामलों पर तत्काल ध्यान देना होगा, वरना कई समलू सिंह अपनी जंग हार जाएंगे.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP