छत्तीसगढ़ को VB-GRAMG के तहत मिले ₹3,354.85 करोड़
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण बुनियादी ढांचे और रोजगार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्रांति की शुरुआत होने जा रही है. केंद्र सरकार की नई महत्वाकांक्षी पहल "विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन" (VB-GRAMG) के तहत छत्तीसगढ़ को ₹3,354.85 करोड़ का अंतरिम आवंटन प्राप्त हुआ है. आगामी 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली इस देशव्यापी व्यवस्था के तहत राज्य की ग्राम पंचायतों को अब सीधे फंड ट्रांसफर किया जाएगा, जिससे जमीनी स्तर पर फैसले लेने, स्थानीय रोजगार की गारंटी देने और सामुदायिक विकास कार्यों को तेज करने में छत्तीसगढ़ को बड़ी ताकत मिलेगी.
केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ की इस बड़ी वित्तीय हिस्सेदारी पर मुहर लगी. नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें छत्तीसगढ़ के ग्रामीण निकायों को सीधे धन मिलेगा.
केंद्रीय मंत्री ने राज्य में इसे कड़ाई से लागू करने के निर्देश देते हुए कहा है कि "कोई भी मजदूर एक दिन के लिए भी काम के बिना नहीं छूटना चाहिए." इस मिशन के तहत अब छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के पास ही परियोजनाओं को चुनने का पूरा अधिकार होगा, जिससे स्थानीय जरूरतों के मुताबिक गांवों का विकास हो सकेगा.
डिजिटल मोर्चे पर छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों ने व्यापक तैयारी की है. राज्य में रोजगार वितरण को पूरी तरह पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने के लिए 100% ई-केवाईसी (e-KYC), डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) जैसी आधुनिक प्रणालियों को तैनात किया गया है.
इसके जरिए श्रमिकों के खातों में मजदूरी का भुगतान बिना किसी देरी के सीधे और सुरक्षित तरीके से सुनिश्चित किया जाएगा. इस भारी-भरकम राशि का उपयोग गांवों में जल संरक्षण संरचनाओं जैसे जल-स्रोतों के निर्माण और पूर्व-स्वीकृत संपत्तियों को विकसित करने में किया जाएगा, जिससे ग्रामीण अंचलों में स्थायी रोजगार के साथ-साथ टिकाऊ सार्वजनिक संपत्तियों का निर्माण हो सके.
इस नई व्यवस्था की जमीनी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ सहित सभी राज्यों को आगामी 28 और 29 जून को नई दिल्ली के पूसा संस्थान में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में आमंत्रित किया है. राज्य को मिले इस बड़े वित्तीय पैकेज से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की तस्वीर बदलेगी और लाखों श्रमिकों को स्थायी रोजगार और समृद्ध आजीविका का नया अवसर मिलेगा.
इस राष्ट्रव्यापी योजना के तहत केंद्र सरकार ने देश के अन्य राज्यों के लिए भी बड़े वित्तीय पैकेजों की घोषणा की है, जिससे कुल राज्यों का आवंटन ₹92,550.17 करोड़ तक पहुंच गया है.
छत्तीसगढ़ के पड़ोसी और देश के अन्य प्रमुख राज्यों में उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक ₹12,221.48 करोड़, पश्चिम बंगाल को ₹8,508.00 करोड़, तमिलनाडु को ₹7,957.57 करोड़, आंध्र प्रदेश को ₹7,707.21 करोड़, राजस्थान को ₹7,581.87 करोड़, और बिहार को ₹6,715.83 करोड़ आवंटित किए गए हैं.
इसी तरह मध्य प्रदेश को ₹6,252.03 करोड़, कर्नाटक को ₹5,709.09 करोड़, महाराष्ट्र को ₹4,420.32 करोड़, तेलंगाना को ₹4,229.74 करोड़, ओडिशा को ₹3,763.80 करोड़, केरल को ₹3,136.44 करोड़, झारखंड को ₹2,705.64 करोड़, असम को ₹1,929.24 करोड़, गुजरात को ₹1,540.54 करोड़, पंजाब को ₹1,331.61 करोड़, हिमाचल प्रदेश को ₹1,201.78 करोड़, मेघालय को ₹1,155.09 करोड़, त्रिपुरा को ₹1,041.07 करोड़, उत्तराखंड को ₹626.43 करोड़, हरियाणा को ₹590.23 करोड़, मिजोरम को ₹611.65 करोड़, मणिपुर को ₹581.99 करोड़, अरुणाचल प्रदेश को ₹560.70 करोड़, नागालैंड को ₹287.85 करोड़, सिक्किम को ₹97.57 करोड़ और गोवा को ₹3.70 करोड़ का फंड जारी किया गया है.