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छत्तीसगढ़ में ईवी चार्जिंग नेटवर्क की रफ्तार सुस्त

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30 मार्च 2026, 08:07 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

EV-Charging
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रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के प्रति बढ़ते रुझान के बीच राज्य के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर चिंताजनक स्थिति सामने आई है. भारी उद्योग मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में राज्य में केवल 607 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जिनमें से वर्तमान में केवल 524 ही चालू हालत में हैं. 


जानकारों का मानना है कि रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर जैसे शहरों में जिस तेजी से इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ बढ़ रही हैं, उस लिहाज से यह बुनियादी ढांचा बेहद अपर्याप्त है.


तुलनात्मक आंकड़ों पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ अपने पड़ोसी राज्यों और देश के अन्य विकसित प्रदेशों से काफी पीछे है. 


जहाँ कर्नाटक में करीब 2400, महाराष्ट्र में 2200 और गुजरात में लगभग 1500 चार्जिंग स्टेशन हैं, वहीं पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश और ओडिशा की स्थिति भी छत्तीसगढ़ से बेहतर है. 


हालांकि, राज्य में वित्त वर्ष 2020-21 में शून्य स्टेशनों से शुरू होकर वर्तमान में 607 तक का सफर तय हुआ है, लेकिन 1 मार्च 2026 तक की स्थिति बताती है कि इस साल केवल 46 नए स्टेशन ही जोड़े जा सके हैं. 


रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि केंद्र सरकार ने फेम-II (FAME-II) के तहत 912 करोड़ और पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना के तहत 2000 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर कोई स्पष्ट रोडमैप न होने और निजी भागीदारी सीमित रहने से विस्तार की गति धीमी है. 


जानकारों का कहना है कि यदि छत्तीसगढ़ को अपने स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करना है, तो उसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा देकर राजमार्गों और रिहायशी इलाकों में फास्ट चार्जर्स का जाल तेजी से फैलाना होगा, अन्यथा बुनियादी ढांचे की कमी ईवी अपनाने की राह में बड़ा रोड़ा बन सकती है. File Photo

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP