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NMDC:छत्तीसगढ़ के 500 आदिवासी युवाओं को पढ़ायेगी

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23 जुल. 2025, 01:29 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

एनएमडीसी
एनएमडीसी

नई दिल्ली । डेस्क: भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी एनएमडीसी ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी पहल के तहत छत्तीसगढ़ के बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों के 500 आदिवासी युवाओं के लिये कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किया है.


सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CIPET), हैदराबाद के सहयोग से, एनएमडीसी प्लास्टिक और पॉलिमर प्रौद्योगिकी में तकनीकी शिक्षा को पूरी तरह से प्रायोजित करेगा, जिसमें ट्यूशन, प्रशिक्षण, आवास और अन्य संबंधित लागतें शामिल हैं.

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आवेदन तिथि: 20 जुलाई से 30 जुलाई 2025 तक, पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर चयन.


उपलब्ध पाठ्यक्रम:


1-मशीन ऑपरेटर - NSQF लेवल IV सर्टिफिकेशन:

अवधि: 6 माह

योग्यता: न्यूनतम 8वीं पास

सीटें: 400

विवरण: प्लास्टिक प्रोसेसिंग, इंजेक्शन मोल्डिंग, ब्लो मोल्डिंग आदि में प्रशिक्षण.


2-डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स टेक्नोलॉजी और प्लास्टिक्स मोल्ड टेक्नोलॉजी:

अवधि: 3 वर्ष

योग्यता: 10वीं पास

सीटें: 80

विवरण: प्लास्टिक सामग्री, मोल्ड डिजाइन, उत्पाद निर्माण और उत्पादन प्रक्रियाओं में तकनीकी कौशल.


3-पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग एंड टेस्टिंग:

अवधि: 2 वर्ष

योग्यता: साइंस में स्नातक

सीटें: 20

विवरण: उन्नत पॉलिमर प्रोसेसिंग, सामग्री परीक्षण, गुणवत्ता आश्वासन और उद्योग-विशिष्ट अनुप्रयोग.


रोजगार के अवसर: स्नातकों को ₹15,000–₹25,000 प्रति माह वेतन और अन्य लाभों के साथ CIPET के राष्ट्रीय उद्योग नेटवर्क के माध्यम से 70% प्लेसमेंट की गारंटी.


एनएमडीसी का मानना है कि सच्ची प्रगति समावेशी होती है. आदिवासी युवाओं की शिक्षा और कौशल विकास में निवेश करके, कंपनी न केवल वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि उन समुदायों की क्षमता को भी उजागर कर रही है जो भारत की विकास गाथा के लिए महत्वपूर्ण हैं. 


यह कार्यक्रम एनएमडीसी के व्यापक CSR दृष्टिकोण के तहत है, जो शिक्षा, रोजगार और आर्थिक लचीलापन के माध्यम से वंचित समुदायों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP