छत्तीसगढ़ के नक्सलियों ने तेलंगाना में किया सरेंडर
करीमनगर । डेस्क: तेलंगाना के पेड्डापल्ली जिले में शनिवार को सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली, जब छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से सक्रिय आठ माओवादियों ने रामागुंडम पुलिस आयुक्त अंबर किशोर झा के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. आत्मसमर्पण करने वाले इन आठ कैडरों में से सात मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के रामपुर गांव, बीजापुर के निवासी हैं.
इन नक्सलियों में मिलिशिया कमांडर और सांस्कृतिक विंग के सदस्य शामिल हैं, जो लंबे समय से तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय थे. पुलिस आयुक्त ने बताया कि इन कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है और उन्हें तेलंगाना सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी लाभ प्रदान किए जाएंगे.
आत्मसमर्पण करने वाले छत्तीसगढ़ के नक्सलियों में मिलिशिया कमांडर पोडियामा कामुलु, महिला कैडर कुंजम लक्के, जीएडी कमांडर कुंजम उंगा सहित मुदियम जोगा, मोदम भीमा, मुदिकम सुकराम और मुदियम मंगू शामिल हैं.
इनके अलावा तेलंगाना के जगतियाल जिले के रहने वाले एक वरिष्ठ कूरियर धर्माजी श्रीकांत ने भी सरेंडर किया है.
पुलिस के अनुसार, छत्तीसगढ़ के ये नक्सली मुख्य रूप से बीजापुर जिले में स्थानीय लामबंदी और रसद जुटाने का काम करते थे. इस अवसर पर 'पुरु वद्दु–ओरु मुद्दु' (युद्ध नहीं, गांव प्यारा) का संदेश देते हुए पुलिस प्रशासन ने अन्य माओवादियों से भी हथियार डालने और अपने परिवारों के पास लौटने की अपील की.