नारायणपुर: युवक ने पत्नी की हत्या के बाद खुदकुशी की कोशिश की
नारायणपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में पैसों के लेन–देन और बैंक कर्मचारियों की कथित प्रताड़ना से परेशान एक युवक ने पहले अपनी पत्नी की धारदार हथियार से हत्या कर दी और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की. इस घटना में पत्नी की मौत हो चुकी है, जबकि पति की हालत गंभीर बनी हुई है.
घटना नारायणपुर से लगे गढ़ बेंगाल गांव की है. यहां रहने वाले तिलक राम मंडावी अपनी पत्नी सुमित्रा मंडावी के साथ मिलकर एक ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन करते थे. सुमित्रा के नाम पर आईडी बनी हुई थी, जिसके जरिए आधार लिंक करने का काम होता था.
घटना 13 जनवरी की है. दोपहर के समय पति–पत्नी घर में ही थे. अचानक सुमित्रा खून से लथपथ हालत में कमरे से बाहर निकली. परिजनों की नजर पड़ते ही हड़कंप मच गया. जब वे कमरे के अंदर पहुंचे तो देखा कि तिलक राम फंदे से लटका हुआ था और छटपटा रहा था.
परिजनों ने तत्काल उसे नीचे उतारा और दोनों को नारायणपुर जिला अस्पताल पहुंचाया. हालत गंभीर होने पर दोनों को रायपुर एम्स रेफर कर दिया गया.
जिला अस्पताल के डॉक्टर हिमांशु सिन्हा के अनुसार, महिला के गले की नस बुरी तरह कट चुकी थी, जबकि पति बेसुध अवस्था में था. इलाज के दौरान 17 जनवरी को रायपुर में सुमित्रा मंडावी की मौत हो गई.
पहले इस मामले को घरेलू विवाद से जुड़ी आत्महत्या की कोशिश माना जा रहा था, लेकिन दंपती के कमरे से एक पत्र मिलने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया. पुलिस को सुमित्रा के नाम से लिखा गया एक लेटर मिला है, जो संजीवनी विकास फाउंडेशन को संबोधित है.
पत्र में आरोप लगाया गया है कि पंजाब नेशनल बैंक के कुछ कर्मचारियों ने गलत तरीके से ग्राहकों का पैसा निकाला और इस पूरे मामले में दंपती को फंसाया जा रहा था. सुमित्रा ने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनकी आईडी से केवल आधार लिंक किया जाता था, जबकि केवाईसी और सीआरएम की प्रक्रिया बैंक कर्मचारियों द्वारा की जाती थी.
लेटर में यह भी उल्लेख है कि बैंक कर्मियों के दबाव में तिलक राम मंडावी ने दो अलग–अलग खातों में कुल 1 लाख 37 हजार रुपये जमा किए. इसके अलावा पीएनबी के कर्मचारी अमित कुमार साहू को 30 हजार रुपये नकद दिए गए और फोन–पे के माध्यम से 20 हजार रुपये उनके एक परिजन को भेजे गए.
तिलक के पिता मंगतू राम मंडावी ने बताया कि घटना के समय वे खेत में काम कर रहे थे. सूचना मिलने पर जब वे घर पहुंचे, तब तक बेटे–बहू को अस्पताल ले जाया जा रहा था. उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक के लोग दोनों को लगातार परेशान कर रहे थे.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पत्र में लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है.