नारायणपुर में 12 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
रायपुर । संवाददाता: नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया ने बताया कि नारायणपुर जिले में बुधवार को 12 माओवादियों, जिनमें पांच महिलाएं शामिल हैं, ने माओवादी संगठन की खोखली विचारधारा और आदिवासियों के शोषण से तंग आकर आत्मसमर्पण कर दिया. इनमें से नौ माओवादियों पर कुल 18 लाख रुपये का इनाम था.
यह समूह वरिष्ठ पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) अधिकारियों के समक्ष हथियार डालने के लिए प्रस्तुत हुआ.
इनमें दो क्षेत्रीय समिति सदस्य, सुद्रेन नेताम और धोबा सलाम, शामिल थे, जिन पर 5-5 लाख रुपये का इनाम था. दो अन्य पर 2-2 लाख रुपये और तीन पर 1-1 लाख रुपये का इनाम था, जबकि दो माओवादियों पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था.
आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों ने पुलिस को बताया कि वे माओवादी विचारधारा से निराश थे और निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों पर किए गए अत्याचारों से नाराज थे. उन्होंने शीर्ष माओवादी नेताओं पर जल, जंगल, जमीन की रक्षा के नाम पर स्थानीय लोगों का शोषण करने का आरोप लगाया.
पुलिस अधीक्षक गुरिया ने कहा, "उनके बयानों के अनुसार, स्थानीय कैडरों का गंभीर शोषण होता है, खासकर महिला माओवादियों की स्थिति सबसे खराब है. कई नेता उन्हें बेहतर भविष्य का वादा कर निजी दासों की तरह व्यवहार करते हैं."
प्रत्येक आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी को तत्काल 50,000 रुपये की सहायता प्रदान की गई है और उन्हें राज्य की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत पुनर्वासित किया जाएगा.
इस आत्मसमर्पण के साथ, नारायणपुर में इस साल हथियार डालने वाले माओवादियों की संख्या 177 हो गई है.(फोटो- प्रतीकात्मक)