छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सौम्या चौरसिया को ED ने किया गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सौम्या चौरसिया ED द्वारा गिरफ्तार
रायपुर । संवाददाता: प्रवर्तन निदेशालय ने कथित छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के सिलसिले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया.
सौम्या चौरसिया के वकील फैज़ल रिज़वी ने कहा कि "उन्हें पूछताछ के लिए ईडी ने नियमित रूप से बुलाया था और शुरुआती पूछताछ के बाद, उन्हें शाम 5.30 बजे के आसपास गिरफ्तार कर लिया गया. उन्हें बुधवार को दोपहर 12 बजे के आसपास पीएमएलए कोर्ट में पेश किया जाएगा."
यह कार्रवाई राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में दर्ज एक प्राथमिकी के बाद हुई, जिसमें पिछली बघेल सरकार के कार्यकाल के दौरान 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है.
ईडी के निष्कर्षों के अनुसार, कथित सिंडिकेट में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, पूर्व उत्पाद शुल्क विभाग के प्रबंध निदेशक एपी त्रिपाठी और व्यवसायी अनवर ढेबर शामिल थे. एजेंसी ने आरोप लगाया कि समूह ने अवैध कमाई करने के लिए उत्पाद शुल्क प्रणाली में हेरफेर किया.
सौम्या को इससे पहले दिसंबर 2022 में हाई-प्रोफाइल ₹570 करोड़ के कोयला-लेवी घोटाले में गिरफ्तार किया गया था और उन्हें इस साल मई में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी थी. उनके साथ निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू और समीर विश्नोई सहित छह अन्य कथित आरोपी भी शामिल थे.
उन्हें रायपुर जेल से रिहा किया गया था. शीर्ष अदालत ने संभावित गवाहों को प्रभावित करने की चिंताओं का हवाला देते हुए निर्देश दिया था कि रिहा किए गए सभी व्यक्तियों को तुरंत छत्तीसगढ़ छोड़ना होगा और अगले आदेश तक राज्य में नहीं रहना होगा.
उन्हें विशेष अदालत में अपना पासपोर्ट जमा करना था, स्थानीय पुलिस को अपने नए पते की सूचना देनी थी, जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करना था और आवश्यकता पड़ने पर अदालत के सामने पेश होना था. सौम्या तब से बेंगलुरु में रह रही थीं.
वे अदालत में उपस्थित हुई थीं, जहां से ED ने पूछताछ का हवाला देते हुए उन्हें हिरासत में लिया था. उसके बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.