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छत्तीसगढ़: आकाशीय बिजली का कहर, 5 की मौत, 5 गंभीर रूप से घायल

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25 सित. 2026, 01:34 AM 6 मिनट में पढ़ें 2

आकाशीय बिजली से मौत
आकाशीय बिजली से मौत

रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में बुधवार को आए भीषण तूफान और आकाशीय बिजली (गाज) गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो महिलाओं समेत 5 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. यह हादसे बेमेतरा, बालोद, धमतरी और कांकेर जिलों में हुए. 


इस बीच, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मजबूत मौसम तंत्र के कारण राज्य भर में एक बार फिर मूसलाधार बारिश, अंधड़ और बिजली गिरने की आशंका बढ़ गई है. मौसम विभाग (IMD) ने 25 और 26 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

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सबसे ज्यादा तबाही बेमेतरा जिले में देखने को मिली, जहां टावर लगाने का काम करने वाले पश्चिम बंगाल के दो प्रवासी मजदूरों, मनोज राजवंशी और जगदीश राजवंशी, की जान चली गई. दोनों बाइक से नाश्ता लेने निकले थे, तभी अचानक तेज बारिश और तूफान शुरू हो गया. बचने के लिए वे बेरला क्षेत्र के सुरहोली गांव में एक बरगद के पेड़ के नीचे खड़े हो गए, जहां गाज गिरने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई.


अन्य घटनाओं में बालोद जिले के पथराटोला गांव में खेत में काम कर रही 40 वर्षीया अनुसुइया बाई की बिजली गिरने से जान चली गई, जबकि उनके साथ काम कर रही दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं. 


वहीं कांकेर जिले के दुर्गुकोंदल ब्लॉक स्थित गुड़फेल गांव में 52 वर्षीय किसान रामसिंह मंडावी की जामुन के पेड़ के नीचे शरण लेने के दौरान बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई. 


धमतरी जिले में भी तेज हवाओं और बारिश के बीच गाज गिरने से गिरजा शंकर ध्रुव नाम के युवक की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए.


मौसम में आए इस अचानक बदलाव का असर बस्तर संभाग में भी साफ देखने को मिल रहा है, जहां सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बस्तर प्रशासन ने गुरुवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी और त्रैमासिक परीक्षाओं को स्थगित कर दिया. 


इसके अलावा, जगदलपुर-हैदराबाद उड़ान रद्द होने से हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों, अकेले पेड़ों और जलभराव वाले निचले इलाकों से दूर रहें.


आकाशीय बिजली (गाज) के प्रकोप से सुरक्षित रहने के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा जारी प्रमुख सुरक्षा निर्देश:


जब आप घर के अंदर हों-


इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग न करें: टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर या वायर वाले फोन (लैंडलाइन) का इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें. प्लग से तार निकाल दें.


धातु के पाइपों और नल से दूर रहें: बिजली कड़कने के दौरान नहाने, बर्तन धोने या हाथ-मुंह धोने से बचें, क्योंकि पानी और लोहे के पाइप बिजली के संवाहक होते हैं.


खिड़की और दरवाजों से दूरी बनाएं: खिड़कियों, दरवाजों और बालकनी से दूर रहें. बंद कमरों में घर के अंदरूनी हिस्से में रहना सबसे सुरक्षित है.


कंक्रीट की दीवारों का सहारा न लें: कंक्रीट की दीवारों और फर्श के अंदर लगे लोहे के छड़ बिजली ले जा सकते हैं.


जब आप खुले में या बाहर हों-


पेड़ों के नीचे आश्रय बिल्कुल न लें: किसी भी अकेले या ऊंचे पेड़ के नीचे खड़े न हों. गाज सबसे ज्यादा ऊंचे पेड़ों पर गिरती है.


धातु की वस्तुओं से दूर रहें: लोहे के खंभे, तार की बाड़, बिजली के टावर और कृषि उपकरणों से तुरंत दूरी बना लें.


खुले स्थानों से हट जाएं: यदि आप खुले मैदान, खेल के मैदान या छत पर हैं, तो तुरंत किसी पक्के मकान या ढके हुए स्थान में चले जाएं.


पानी के स्रोतों से बाहर निकलें: यदि आप तालाब, नदी, स्विमिंग पूल या खेत के पानी में हैं, तो तुरंत बाहर निकलकर सूखी जगह पर जाएं.


वाहन में हों तो अंदर ही रहें: यदि आप कार या बस में सफर कर रहे हैं, तो वाहन के अंदर ही रहें और खिड़कियां पूरी तरह बंद रखें. बाइक या खुली गाड़ी से तुरंत उतर जाएं.


यदि आसपास सुरक्षित आश्रय न मिले (इमरजेंसी स्थिति)


बिजली की स्थिति में 'थंडरस्टॉर्म क्रॉच' (Lightning Crouch) बनाएं:


अपने दोनों पैरों की एड़ियों को आपस में जोड़ लें.


घुटनों के बल नीचे झुकें और सिर को दोनों घुटनों के बीच में रखें.


अपने कानों को हाथों से ढक लें ताकि तेज आवाज से पर्दे न फटें.


ध्यान दें: जमीन पर सीधे कभी न लेटें. जमीन से अपने शरीर का संपर्क कम से कम रखें.


महत्वपूर्ण संकेत: यदि आपके रोंगटे खड़े होने लगें, त्वचा में झुनझुनी महसूस हो या आसपास धातु की चीजों से आवाज आने लगे, तो समझें कि आपके आसपास बिजली गिरने की संभावना अत्यधिक है. तुरंत सुरक्षात्मक स्थिति अपनाएं.


प्राथमिक उपचार के लिए निम्नलिखित कदम उठाएं:


1. तुरंत आपातकालीन सेवा को कॉल करें

सबसे पहले बिना देरी किए 108 (एम्बुलेंस) या स्थानीय आपातकालीन चिकित्सा सेवा को फोन करें और डॉक्टर या एम्बुलेंस को बुलाएं.


2. पीड़ित को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं

यदि आसपास बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है, तो पीड़ित को तुरंत किसी सुरक्षित स्थान (जैसे पक्के मकान या ढके हुए शेड) में ले जाएं.


3. सांस और धड़कन की जांच करें (CPR)

सांस की जांच: देखें कि व्यक्ति सांस ले रहा है या नहीं.


यदि सांस या धड़कन बंद हो:


यदि आपको सीपीआर (CPR) देना आता है, तो तुरंत व्यक्ति को पीठ के बल सीधा लिटाकर सीने को दबाना (Chest Compressions) शुरू करें और कृत्रिम सांस दें.


यदि सीपीआर नहीं आता, तो एम्बुलेंस आने तक व्यक्ति के सीने के बीचों-बीच अपनी हथेलियों से तेज और लगातार दबाव (1 मिनट में लगभग 100-120 बार) देते रहें.


4. जलने (Burns) का उपचार करें

आकाशीय बिजली गिरने से शरीर पर जहां प्रवेश और निकास के निशान (Burn Marks) हों, उन्हें साफ और सूखे कपड़े या स्टेराइल पट्टी से ढक दें.


सावधानी: जले हुए हिस्से पर कोई तेल, ग्रीस, बर्फ या दवा न लगाएं.


5. अन्य चोटों की जांच करें

बिजली के झटके या गिरने के कारण व्यक्ति की हड्डी टूट सकती है, रीढ़ की हड्डी या सिर में चोट आ सकती है.


पीड़ित के शरीर या गर्दन को ज्यादा हिलाएं-डुलें नहीं, जब तक कि ऐसा करना बेहद जरूरी न हो.


6. सदमे (Shock) से बचाएं

व्यक्ति को शांत रखने की कोशिश करें और उसे कपड़े या कंबल से ढक दें ताकि उसके शरीर का तापमान सामान्य बना रहे.


पीड़ित को होश में होने पर भी पानी या कोई अन्य तरल पदार्थ पीने को न दें.


महत्वपूर्ण: भले ही व्यक्ति होश में आ जाए और उसे कोई बड़ी चोट न दिखे, फिर भी उसे डॉक्टरी जांच के लिए अस्पताल जरूर ले जाएं, क्योंकि बिजली के झटके से आंतरिक अंगों (जैसे दिल और तंत्रिका तंत्र) को नुकसान पहुंच सकता है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP