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कांकेर में पुलिस द्वारा कुत्तों की हत्या पर बवाल मचा

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25 जुल. 2025, 07:08 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

कुत्ता
कुत्ता

रायपुर । संवादाता: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक पुलिस इंस्पेक्टर पर 10 आवारा कुत्तों की हत्या कर उनके शवों को बोरे में भरने का गंभीर आरोप लगा है. इस मामले में जांच के आदेश के दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला है, जिसके चलते पशु कल्याण बोर्ड ऑफ इंडिया ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है.


10 जुलाई को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें औरछा थाने के इंस्पेक्टर पवन ठाकुर को कुत्तों के शव बोरे में भरते देखा गया था. 

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इस वीडियो के आधार पर कांकेर के पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला ने स्वत: संज्ञान लेते हुए 12 जुलाई को एक डीएसपी रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया था. 


हालांकि, पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वीडियो में इंस्पेक्टर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है.


पशु कल्याण बोर्ड ऑफ इंडिया ने जांच दल द्वारा निर्धारित एक सप्ताह की अवधि में रिपोर्ट न सौंपे जाने पर कड़ा रुख अपनाया है. 


पुलिस अधीक्षक एलेसेला ने बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर वर्तमान में नारायणपुर जिले में तैनात हैं और नक्सल विरोधी अभियानों में व्यस्त हैं, जिसके कारण जांच में देरी हुई है. 


उन्होंने कहा, "जांच चल रही है और अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है जो यह साबित करे कि इंस्पेक्टर ने कुत्तों की हत्या की. वीडियो में उन्हें केवल बोरे ले जाते देखा गया है. हम जांच को तेज करेंगे."


आरोप है कि ठाकुर, जो कांकेर पुलिस लाइन में अपने परिवार से मिलने आये थे, ने कथित तौर पर एयर गन से करीब 10 आवारा कुत्तों को गोली मारी और फिर अपने सहयोगियों से शवों को बोरे में भरवाकर ठिकाने लगवाया. 


एक स्थानीय निवासी ने इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया था. 


पुलिस अधीक्षक ने कहा, "जांच के दौरान दो कुत्तों के शवों को ठिकाने लगाये जाने की पुष्टि हुई है, जो वीडियो में भी दिखा. लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी हत्या इंस्पेक्टर ने की थी. हमने रिकॉर्डिंग करने वाले निवासी से और फुटेज मांगी है."


पशु कल्याण बोर्ड ऑफ इंडिया ने इस मामले में कांकेर पुलिस अधीक्षक और छत्तीसगढ़ राज्य पशु कल्याण बोर्ड के सदस्य सचिव, जो राज्य पशुधन विकास विभाग के निदेशक भी हैं, से तत्काल कार्रवाई की मांग की है. 


बोर्ड ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (PCA) की धारा 11(1)(l) और भारतीय दंड संहिता की धारा 325 के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की है, जिसमें पशु को मारने या अपंग करने पर पांच साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है.


PETA-India ने भी पुलिस अधीक्षक से स्वत: प्राथमिकी दर्ज करने और स्वतंत्र विभागीय जांच के साथ-साथ दोषी पाए जाने पर इंस्पेक्टर को बर्खास्त करने की मांग की है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP