छत्तीसगढ़ में जन औषधि केन्द्र कम, यूपी में सबसे ज्यादा
नई दिल्ली । डेस्क: छत्तीसगढ़ में जन औषि केन्द्र 316 है जबकि यूपी में सबसे ज्यादा है. छत्तीसगढ़, कम जन औषधि केन्द्रों वालों राज्यों में गिन जाता है. उत्तर प्रदेश ने सरकार द्वारा संचालित कम लागत वाली, उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाओं की खुदरा दुकानों, जन औषधि केन्द्रों की स्थापना में देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है.
केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 30 जून 2025 तक देश भर में स्थापित कुल 16,912 जन औषधि केन्द्रों में से 3,550 उत्तर प्रदेश में हैं, जो देश के कुल केन्द्रों का लगभग 20 प्रतिशत है. इनमें से 2,004 केन्द्र पिछले पांच वर्षों में स्थापित किये गये हैं.
केरल 1,629 केन्द्रों के साथ दूसरे स्थान पर है, जो उत्तर प्रदेश से आधे से भी कम है. पिछले पांच वर्षों में केरल में 1,096 जन औषधि केन्द्र खोले गये. कर्नाटक 1,480 केन्द्रों के साथ तीसरे स्थान पर है, जिनमें से 910 पिछले पांच वर्षों में स्थापित किये गये. तमिलनाडु 1,432 केन्द्रों के साथ चौथे स्थान पर है, जिनमें से 934 पिछले पांच वर्षों में खोले गये.
राज्यों में जन औषधि केन्द्रों की संख्या
उत्तर प्रदेश: 3,550
केरल: 1,629
कर्नाटक: 1,480
तमिलनाडु: 1,432
बिहार: 900
गुजरात: 812
ओडिशा: 753
पश्चिम बंगाल: 753
महाराष्ट्र: 723
मध्य प्रदेश: 592
दिल्ली (केंद्र शासित प्रदेश): 552
राजस्थान: 545
पंजाब: 520
जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश): 335
छत्तीसगढ़: 316
आंध्र प्रदेश: 281
तेलंगाना: 203
झारखंड: 163
हिमाचल प्रदेश: 75
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव: 40
पुदुचेरी: 33
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 9
लद्दाख: 2
लक्षद्वीप: 1
हालांकि, कुछ राज्य अभी भी सस्ती दवा दुकानों की स्थापना में पीछे हैं. उदाहरण के लिये, छत्तीसगढ़ में केवल 316 जन औषधि केन्द्र स्थापित किये गये हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में 75 और झारखंड में 163 केन्द्र हैं.
केंद्रीय रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने हाल ही में संसद में बताया कि इस योजना के तहत 30 जून 2025 तक कुल 16,912 जन औषधि केन्द्र खोले गये हैं, जिनमें से 10,511 पिछले पांच वर्षों में स्थापित किये गये. उन्होंने कहा कि इस योजना के कारण पिछले 11 वर्षों में ब्रांडेड दवाओं की तुलना में नागरिकों को लगभग 38,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है.
इसके अलावा, इस योजना ने 16,000 से अधिक लोगों, जिनमें 6,800 से अधिक महिला उद्यमी शामिल हैं, को स्वरोजगार प्रदान किया है. योजना के तहत लगभग 2,110 दवायें और 315 सर्जिकल, चिकित्सा उपभोग्य वस्तुयें और उपकरण उपलब्ध हैं, जो हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, संक्रमण, एलर्जी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और न्यूट्रास्यूटिकल्स जैसे प्रमुख चिकित्सीय समूहों को कवर करते हैं.
जन औषधि केन्द्रों में दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 80% सस्ती दरों पर उपलब्ध हैं, जिससे आम नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं.