छत्तीसगढ़: रायगढ़ में तेजी से पैर पसार रहा HIV
रायगढ़ । संवाददाता: रायगढ़ जिले में युवाओं और बच्चों के बीच नशीले इंजेक्शनों का बढ़ता चलन अब एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुका है. स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीते अप्रैल और मई महीने में ही जिले के भीतर 56 नए एचआईवी संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है. इन नए मामलों के सामने आने के बाद क्षेत्र में सक्रिय मरीजों का कुल आंकड़ा बढ़कर अब 747 पर पहुंच गया है.
प्रशासन के लिए सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि इस जानलेवा वायरस की चपेट में मासूम भी आ रहे हैं और अब तक 14 वर्ष तक की आयु के 16 बच्चे एचआईवी पॉजिटिव पाए जा चुके हैं.
हाल ही में पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए गए नशामुक्ति अभियान के दौरान कुछ नाबालिग बच्चों को नशीले पदार्थों का सेवन करते हुए पकड़ा गया था. जब इन बच्चों की काउंसलिंग कराने के बाद डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल जांच की, तो उनमें से तीन बच्चे एचआईवी संक्रमित पाए गए.
इसके बाद ही बच्चों में संक्रमण का यह हैरान करने वाला आंकड़ा सामने आया. जांच में यह बात साफ हुई है कि युवा वर्ग और नशे की गिरफ्त में आए लोग 'बुटरम' नामक नशीले इंजेक्शनों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
एक ही सिरिंज और सुई को कई लोगों द्वारा साझा करने के कारण यह संक्रमण बेहद तेजी से एक से दूसरे व्यक्ति में फैल रहा है.
इस महामारी की रफ्तार को रोकने के लिए अब पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा मिलकर संयुक्त रणनीति तैयार कर रहा है. इसके तहत शहर की स्लम बस्तियों और संवेदनशील इलाकों की विशेष निगरानी शुरू की जा रही है, ताकि नशीली दवाओं के सिंडिकेट को तोड़ा जा सके और लोगों को जागरूक किया जा सके.
अगर बीते कुछ सालों के ट्रेंड को देखें तो रायगढ़ में स्थिति लगातार बिगड़ती गई है. साल 2022-23 में जहां संक्रमितों की संख्या महज 77 थी, वहीं साल 2024 में 125 और साल 2025 में 193 नए मामलों की एंट्री हुई. इस साल की शुरुआत में मरीजों की संख्या 691 थी, जिसमें पिछले साठ दिनों के भीतर भारी उछाल दर्ज किया गया है.