नकली GST कमिश्नर को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से झटका, जमानत याचिका रद्द
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने खुद को वरिष्ठ जीएसटी कमिश्नर बताकर एक व्यवसायी से 34 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोपी अनिल कुमार गुप्ता की दूसरी जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की पीठ ने मामले की गंभीरता और आरोपी के खिलाफ मौजूद प्रथम दृष्टया सबूतों को देखते हुए यह फैसला सुनाया.
अभियोजन के अनुसार, जुलाई 2025 से हिरासत में बंद अनिल गुप्ता पर आरोप है कि उसने रायपुर के एक कैफे में खुद को 'कमिश्नर मिश्रा' बताकर एक टैक्स रेड के बाद व्यवसायी से कुल 45 लाख रुपये की मांग की थी, जिसमें 34 लाख रुपये रिश्वत के तौर पर मांगे गए थे.
इस मामले में सीबीआई ने जाल बिछाकर सह-आरोपी विनय राय को 5 लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था.
अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि वह केवल एक निजी व्यक्ति है और उसे साजिश के तहत फंसाया गया है. उन्होंने सीसीटीवी फुटेज और वॉइस रिकॉर्डिंग की सत्यता पर भी सवाल उठाए.
हालांकि, कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पहली जमानत याचिका खारिज होने के बाद परिस्थितियों में कोई ठोस बदलाव नहीं आया है.
साथ ही, कोर्ट ने आरोपी द्वारा जांच में सहयोग न करने, नोटिस की अनदेखी करने और वॉइस सैंपल देने में आनाकानी करने जैसे तथ्यों को भी जमानत न देने का आधार बनाया. अदालत ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में केवल संदेह के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती, विशेषकर तब जब आरोपी की सक्रिय भूमिका के साक्ष्य मौजूद हों.