छत्तीसगढ़ HC ने DIG और SP को थमाया अवमानना नोटिस
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डीआईजी पारुल माथुर और जांजगीर-चांपा के एसपी विजय पांडे को अनुकंपा नियुक्ति के आदेश का पालन न करने पर अवमानना नोटिस जारी किया है. यह मामला दिवंगत सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) बूंद राम भारती के बेटे विक्की भारती को नियुक्ति न मिलने से जुड़ा है.
बूंद राम को 2017 में अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर उनकी सेवा बहाल की गई. कोर्ट ने 90 दिनों के भीतर बेटे विक्की को अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया था, जो अब तक लागू नहीं हुआ.
अधिवक्ता अभिषेक पांडे और प्रिया अग्रवाल ने कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी समय पर आदेशों का पालन नहीं कर रहे.
इस साल जनवरी से जुलाई तक ऐसी 1,149 याचिकायें दायर हो चुकी हैं, जो कोर्ट का समय बर्बाद कर रही हैं. अधिवक्ताओं ने अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 12 के तहत छह महीने की जेल और 2,000 रुपये जुर्माने की मांग की है.
अधिवक्ता पांडे ने स्पष्ट किया कि बूंद राम सहित कई कर्मचारियों को 50 वर्ष की आयु के बाद खराब प्रदर्शन के आधार पर सरकार की योजना के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी.
हाईकोर्ट में चुनौती के बाद एक समिति ने बूंद राम की सेवा बहाली की सिफारिश की, लेकिन उनकी मृत्यु के 21 दिन बाद यह आदेश लागू हुआ. हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुये पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा है.