हाईकोर्ट ने बस्तर में पुल निर्माण पर केंद्र के जवाब पर अपडेट मांगा
HC ने बस्तर में पुल निर्माण पर केंद्र के जवाब पर अपडेट मांगा
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को बस्तर क्षेत्र में एक बड़े पुल के निर्माण के संबंध में केंद्र सरकार के निर्णय पर अपडेट प्रदान करने का निर्देश दिया है. यह आदेश समाचार पत्रों में हाल ही में प्रकाशित खबरों के बाद आया, जिसमें दंतेवाड़ा के स्कूली छात्रों को स्कूल जाने के लिए बाढ़ग्रस्त नदी को लकड़ी के सहारे पार करने की खतरनाक स्थिति को उजागर किया गया था.
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका पर सुनवाई की.
कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को केंद्र सरकार द्वारा पुल निर्माण के लिए उठाए गए कदमों का विवरण देते हुए एक नया हलफनामा दाखिल करने को कहा.
सुनवाई के दौरान, महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन. भारत ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने 20 अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्रालय के लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिस्ट डिवीजन (LWED) को पुल निर्माण के लिए संशोधित प्रस्ताव जमा किया था.
यह प्रस्ताव कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा जैसे चार जिलों के लिए तैयार किया गया था, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए सवालों का समाधान किया गया था.
उन्होंने कहा कि जैसे ही गृह मंत्रालय प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरी देगा, पुल पर काम शुरू हो जाएगा.
कोर्ट ने उन समाचारों पर भी गौर किया, जिनमें दंतेवाड़ा के कोरकोटी गांव में स्कूली बच्चों को बाढ़ के बाद टूटे हुए पुल को पार करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने की बात सामने आई थी. इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को निर्धारित की गई है.