शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

छत्तीसगढ़ बना ओडिशा से गांजे की तस्करी का गुप्त कॉरिडोर

C

CG Khabar

23 जून 2026, 01:41 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

गांजा तस्कर गिरफ्तार-बलरामपुर
गांजा तस्कर गिरफ्तार-बलरामपुर

भुवनेश्वर । डेस्क: भारत में गांजा तस्करी के एक बहुत बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों और जांचकर्ताओं के होश उड़ा दिए हैं. शातिर तस्कर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए लगातार नए और हैरान करने वाले तरीके अपना रहे हैं. 


हालिया जांच में यह बात सामने आई है कि तस्कर नीले रंग के ड्रमों से लेकर केलों से लदे ट्रकों तक का इस्तेमाल कर भारी मात्रा में गांजे की खेप एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंचा रहे हैं.


जांचकर्ताओं के अनुसार, इस पूरे अवैध कारोबार का मुख्य स्रोत ओडिशा के गांजा उत्पादक क्षेत्र हैं. यहां से गांजे की एक बड़ी खेप को छत्तीसगढ़ के रास्ते उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे बड़े बाजारों में खपाने के लिए भेजा जा रहा है. 


इस तस्करी के लिए छत्तीसगढ़ को एक 'गुप्त कॉरिडोर' के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. राज्य के महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बस्तर और बलरामपुर जैसे जिले इस अवैध व्यापार के प्रमुख ट्रांजिट रूट बनकर उभरे हैं, जहां से होकर यह खेप गुजर रही है.


पुलिस से मिले आंकड़ों के मुताबिक, इस नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में देखने को मिली है. पुलिस ने यहां अकेले महासमुंद से ही करीब 28 करोड़ रुपये मूल्य का 5 क्विंटल और 630 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया है. 


इस बड़ी कामयाबी के साथ ही प्रशासन ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 72 मामले दर्ज किए हैं और इस रैकेट से जुड़े 187 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है.


तस्करों द्वारा अपनाए जा रहे इन हाईटेक और बदले हुए तरीकों ने पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. इस खुलासे के बाद से अवैध मादक पदार्थों के व्यापार के बढ़ते पैमाने और तस्करों के आधुनिक तौर-तरीकों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं. फिलहाल, पुलिस इस पूरे सिंडिकेट की जड़ों को पूरी तरह से उखाड़ने के लिए आगे की जांच में जुटी है. File Photo.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP