चीनी मांझा बैन लागू करे छत्तीसगढ़ सरकार: हाई कोर्ट
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को चीनी मांझा (सिंथेटिक धागा) के निर्माण, बिक्री, भंडारण और उपयोग पर लगे प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. यह निर्देश हाल ही में एक 7 वर्षीय बच्चे की दुखद मौत के बाद आया है, जिसकी गर्दन में मोटरसाइकिल पर जाते समय एक चीनी मांझा उलझ गया था.
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभू दत्ता गुरु की खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार को पूरे राज्य में इस सिंथेटिक धागे पर प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना चाहिए. कोर्ट ने अधिकारियों को बाजार में इसके प्रसार को रोकने के लिए नियमित जांच और निगरानी करने का भी आदेश दिया है.
इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने सरकार को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया, ताकि आम जनता को इस खतरनाक सामग्री से जुड़े खतरों के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके.
यह दिशा-निर्देश एक स्वतः संज्ञान जनहित याचिका से आया, जिसे बच्चे की मौत की खबर के आधार पर दर्ज किया गया था. सुनवाई के दौरान, हाई कोर्ट ने पीड़ित परिवार को 2,50,000 रुपये का मुआवज़ा देने का भी निर्देश दिया है.
राज्य सरकार ने कोर्ट को सूचित किया कि चीनी मांझा बेचते पाए गए 53 दुकानदारों पर जुर्माना लगाया गया है और उनमें से 48 के खिलाफ पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. साथ ही, नगर निकायों द्वारा दुकानों से चीनी मांझा जब्त भी किया गया.
चूंकि कोर्ट को सूचित किया गया कि अब ऐसी कोई और घटना सामने नहीं आई है और प्रशासन स्थिति की निगरानी कर रहा है, इसलिए खंडपीठ ने इस स्तर पर आगे की निगरानी को आवश्यक नहीं पाया और जनहित याचिका का निपटारा कर दिया है.