गरियाबंद में 3 नक्सलियों का आत्मसमर्पण
गरियाबंद में 3 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, खोखली विचारधारा से हुए तंग
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में ओडिशा स्टेट कमेटी से जुड़े कम से कम तीन नक्सलियों, जिनमें दो महिलाएँ शामिल हैं, ने सोमवार को अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया. इन तीनों पर कुल ₹3 लाख का इनाम घोषित था.
अधिकारियों के अनुसार, ये तीनों नक्सली काफी समय से संगठन में सक्रिय थे और कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहे थे. उन्होंने गरियाबंद पुलिस की समर्पण अपील और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला किया.
गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक (SP), निखिल अशोक राखेचा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों की पहचान नागेश उर्फ रामा कवासी (निवासी- तर्रेम, बीजापुर), जैनी उर्फ देवे मडकम (निवासी- इतगुडेम) और मनीला उर्फ सुंदरी कवासी (निवासी- जैगुर) के रूप में हुई है.
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया कि वे संगठन की खोखली विचारधारा से तंग आ चुके थे. वे जंगलों में भटकने और वरिष्ठ माओवादियों की गुलामी से थक गए थे. उन्होंने कहा कि उनके आत्मसमर्पण कर चुके साथियों का खुशहाल जीवन देखकर उन्हें भी मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा मिली.
गरियाबंद पुलिस ने अन्य सभी सक्रिय नक्सलियों से भी अपील की है कि वे किसी भी पुलिस स्टेशन, चौकी या कैंप में आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौट आएँ.
SATP के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में इस साल 2025 में 4 अक्टूबर तक 840 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. यह पिछले 25 सालों में साल 2016 के 1232 के बाद दूसरा सबसे बड़ा नक्सली आत्मसमर्पण का साल है.
गौरतलब है कि साल 2000 के 6 मार्च से लेकर इस साल 2025 के 4 अक्टूबर तक कुल 5,312 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.