छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में सांप्रदायिक तनाव
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दुतकाइया गांव में रविवार, 1 फरवरी 2026 को भारी सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी. पुलिस के अनुसार, एक उग्र भीड़ ने अल्पसंख्यक समुदाय के आधा दर्जन से अधिक घरों में तोड़फोड़ की और उन्हें आग के हवाले कर दिया.
इस हिंसक झड़प के दौरान महिलाओं और बच्चों समेत करीब दो दर्जन लोगों की जान बचाते हुए सात पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए.
घटना की शुरुआत तब हुई जब 2024 के मंदिर विरूपण मामले का मुख्य आरोपी आरिफ खान, जो जमानत पर बाहर था, अपने दो साथियों के साथ रविवार तड़के गांव लौटा. आरोप है कि उसने वहां चार स्थानीय लोगों के साथ मारपीट की, जिनमें से एक पुराने मामले का गवाह था.
इसके बाद गांव में तनाव फैल गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर शांति की अपील की थी, लेकिन कुछ ही घंटों में सैकड़ों लोगों की भीड़ लाठी-डंडों और पत्थरों के साथ वहां पहुंच गई.
गरियाबंद एसपी वेदव्रत सिरमौर ने बताया कि राजिम कुंभ के कारण पुलिस बल की कमी के बावजूद, मौके पर मौजूद टीम ने कई घंटों तक ढाल बनकर ग्रामीणों की रक्षा की. भीड़ ने वाहनों को फूंक दिया और घरों में घुसने की कोशिश की.
रात करीब 9 बजे अतिरिक्त बल पहुंचने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा और फंसे हुए लोगों को बस के जरिए सुरक्षित निकाला. इस दौरान एक मदरसे में फंसे बच्चों को भी बचाया गया. सोमवार को गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा और डरे हुए पीड़ित परिवारों ने फिलहाल गांव छोड़ दिया है. पुलिस ने इस मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की हैं.