गरियाबंद में माओवादियों के ठिकाने से 46 लाख रुपये बरामद
गरियाबंद । डेस्क: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों को माओवाद विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. शनिवार, 28 फरवरी 2026 को पुलिस ने मैनपुर थाना क्षेत्र के बड़ेगोबरा गांव के पास संपसती की पहाड़ियों से माओवादियों द्वारा डंप किए गए हथियारों का जखीरा और 46.31 लाख रुपये नकद बरामद किए.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, यह कार्रवाई आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई.
पुलिस द्वारा की गई इस छापेमारी में एक मजल लोडिंग गन, बीजीएल (BGL) शेल, इंसास (INSAS) के कारतूस और नॉन-इलेक्ट्रॉनिक डिटोनेटर जैसे घातक हथियार बरामद हुए हैं.
हथियारों के अलावा, मौके से भारी मात्रा में नक्सली साहित्य और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्रियां भी जब्त की गई हैं. पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और गोला-बारूद की बरामदगी से भविष्य में होने वाली बड़ी माओवादी घटनाओं को टालने में मदद मिलेगी.
गरियाबंद जिला पुलिस ने एक बयान में बताया कि पिछले दो वर्षों से चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान और सरकार की पुनर्वास नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के कारण, धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के अधिकांश सक्रिय माओवादियों को जनवरी 2026 तक आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जा चुका है.
सुरक्षा बलों के मुताबिक, इस डंप की बरामदगी माओवादी नेटवर्क की कमर तोड़ने की दिशा में एक निर्णायक कदम है.