बस्तर में 500 के नकली नोटों की दस्तक: दंतेवाड़ा में बैंक ने पकड़ा मामला
दंतेवाड़ा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में जाली नोटों के अचानक बढ़ते चलन ने प्रशासन और व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है. ताज़ा मामला दंतेवाड़ा जिले से सामने आया है, जहां एक व्यापारी द्वारा बैंक में जमा की जा रही नकदी के बीच 500 रुपये का एक संदिग्ध नोट पाया गया.
बैंक की ऑटोमेटिक मशीन द्वारा नोट रिजेक्ट किए जाने के बाद जब अधिकारियों ने इसकी बारीकी से जांच की, तो इसके जाली होने की पुष्टि हुई.
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह नकली नोट स्थानीय साप्ताहिक हाट-बाजार के जरिए लेन-देन के दौरान बाजार में पहुंचा था. बस्तर और दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्रों में इस तरह की घटना के बाद अब आम नागरिकों और व्यापारियों के बीच डर का माहौल है.
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बाजार में इस तरह के कितने नोट फैल चुके हैं, लेकिन बैंक और पुलिस प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है. एएसपी आरके बर्मन ने बताया कि नोटों के स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.
पुलिस यह खंगाल रही है कि इन नकली नोटों की खेप कहां से आ रही है और इसके पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ तो नहीं है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी बड़े लेन-देन के दौरान नोटों की अच्छी तरह जांच करें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें.
असली और नकली 500 रुपये के नोट में फर्क करना काफी आसान है अगर आप इन 5 मुख्य सुरक्षा फीचर्स पर ध्यान दें:
1. सुरक्षा धागा (Security Thread)
नोट के बीच में दिखने वाली नीली-हरी पट्टी को ध्यान से देखें. नोट को तिरछा करने पर इस पट्टी का रंग हरे से नीला बदलता है. इस पर भारत और RBI लिखा होता है.
2. वॉटरमार्क (Watermark)
नोट के सफेद हिस्से को रोशनी के सामने रखकर देखने पर वहाँ महात्मा गांधी की तस्वीर और हल्के अक्षरों में '500' लिखा हुआ दिखाई देता है.
3. 'सी-थ्रू' रजिस्टर (See-through Register)
नोट के बाईं ओर नीचे की तरफ एक खाली जगह होती है जहाँ '500' लिखा होता है. रोशनी के सामने देखने पर यह अंक पूरी तरह से स्पष्ट और भरा हुआ दिखाई देता है.
4. उभरी हुई छपाई (Intaglio Printing)
महात्मा गांधी की तस्वीर, अशोक स्तंभ का प्रतीक और दाईं ओर एक छोटा कोणीय ब्लीड लाइन्स (Lines) वाला हिस्सा उभरा हुआ होता है. इसे छूने पर खुरदरापन महसूस होता है, जो नेत्रहीनों की मदद के लिए भी है.
5. सूक्ष्म अक्षर (Micro Lettering)
नोट को गौर से देखने पर महात्मा गांधी के चश्मे के पास बहुत बारीक अक्षरों में 'भारत' और 'India' लिखा होता है, जो नकली नोटों में अक्सर धुंधला होता है.