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छत्तीसगढ़: कोरबा में हाथियों का तांडव, फसलों को भारी नुकसान

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15 मई 2026, 06:40 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

हाथी
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कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में वन्यजीवों और इंसानों के बीच संघर्ष की स्थिति गंभीर होती जा रही है. ताज़ा मामले में धरमजयगढ़ वन मंडल से आए दो दंतैल हाथियों ने कुदमुरा रेंज के अंतर्गत आने वाले गीतकुंवारी गांव में जमकर उत्पात मचाया. हाथियों ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरते हुए कटाई के लिए तैयार खड़ी धान की कई एकड़ फसल को पूरी तरह रौंद दिया. 


ग्रामीणों ने मशालों और शोर की मदद से हाथियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक फसल का बड़ा हिस्सा नष्ट हो चुका था.

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जिले के विभिन्न हिस्सों में इस समय कुल 53 हाथी सक्रिय हैं, जो चार अलग-अलग समूहों में बंटे हुए हैं. इनमें सबसे बड़ा समूह 48 हाथियों का है, जो कटघोरा वन मंडल के जटगा रेंज स्थित मेउड़ पहाड़ पर पिछले मार्च महीने से जमा हुआ है. 


जानकारों के अनुसार, लगभग 5 हजार हेक्टेयर में फैले इस पहाड़ी क्षेत्र में पानी और चारे की प्रचुरता के कारण हाथियों का यह दल हर साल गर्मी के मौसम में यहाँ दो से तीन महीने का वक्त बिताता है.


हाथियों की इस मौजूदगी ने स्थानीय निवासियों, विशेषकर कुदमुरा, जटगा और पसान क्षेत्र के लोगों में भारी डर पैदा कर दिया है. वन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित इलाकों में 'मुनादी' कराकर लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है. 


विभाग की टीमें और हाथी मित्र दल लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं. मेउड़ पहाड़ पर मौजूद विशाल दल की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का भी सहारा लिया जा रहा है, ताकि उन्हें बस्तियों की ओर आने से रोका जा सके. प्रशासन ने पीड़ित किसानों को भरोसा दिलाया है कि नुकसान का सर्वे कर जल्द ही उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा. Symbolic Photo

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP