ED भाजपा की विंग बनकर काम कर रही- भूपेश बघेल
रायपुर । संवादाता: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय पर तीखा हमला बोला और इसे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का "विंग" करार दिया है. सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुये बघेल ने कहा कि यह एजेंसी के लिए "करारा तमाचा" है कि उसे अपना काम करने को कहा गया.
उन्होंने रायपुर में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "इससे बड़ी टिप्पणी कोई हो नहीं सकती. यह केंद्र सरकार और ईडी के खिलाफ है. जिस तरह ईडी बीजेपी के एक विंग की तरह काम कर रही है... यह तमाचा है कि ईडी को अपना काम करने और नेताओं को अपनी राजनीति करने देने को कहा गया. लेकिन देशभर में जिस तरह का माहौल बनाया गया है, ये सारी कार्रवाइयां विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर की जा रही हैं."
बघेल ने दावा किया कि ईडी की सफलता दर एक प्रतिशत से भी कम है और यह एजेंसी विपक्ष की छवि खराब करने का काम कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ऐसी एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक दलों को तोड़ने के लिए कर रही है.
भूपेश बघेल ने कहा, "राज्यसभा में एक मंत्री ने जवाब दिया था कि उन्होंने 193 राजनीतिक नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज किये, लेकिन केवल दो में सजा हुई. इसका मतलब है कि उनकी सफलता दर एक प्रतिशत से भी कम है. इसका दुरुपयोग राजनीति के लिए किया जा रहा है. वे खुद कुछ नहीं कर पा रहे, लेकिन विपक्ष की छवि को धूमिल कर रहे हैं. ऐसी एजेंसियों का उपयोग करके राजनीतिक दलों को तोड़ा गया है."
उनके ये बयान सुप्रीम कोर्ट द्वारा ईडी को फटकार लगाने के बाद आये हैं, जिसमें कोर्ट ने पूछा था, "ईडी का उपयोग क्यों किया जा रहा है?" सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ईडी की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण से संबंधित कथित अवैध भूमि आवंटन के मामले में कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया की पत्नी बीएम पार्वती के खिलाफ जांच की मांग की गई थी.
इसके अलावा, बघेल ने पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा था, जब ईडी ने छत्तीसगढ़ में कथित बहु-करोड़ शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में उनके बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था.
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह अडानी के खिलाफ कुछ बर्दाश्त नहीं कर सकते. जिस दिन मेरे बेटे को ईडी ने गिरफ्तार किया, हम विधानसभा में (गौतम) अडानी द्वारा अवैध पेड़ कटाई के मुद्दे पर विरोध कर रहे थे."
18 जुलाई को ईडी ने चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था. इससे पहले मार्च में भूपेश बघेल और उनके बेटे के आवास से 30 लाख रुपये जब्त किये गये थे. यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में शराब व्यापार में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में 14 स्थानों पर दिनभर चली तलाशी के दौरान हुई थी.
ईडी का दावा है कि चैतन्य बघेल भी "शराब घोटाले से उत्पन्न अपराध की आय के प्राप्तकर्ता हैं, जिसमें विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 2,161 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई."