छत्तीसगढ़: खूंखार माओवादी मल्लेश ने एके-47 के साथ किया सरेंडर
कांकेर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सलवाद के विरुद्ध जारी अभियान को उस वक्त एक बड़ी सफलता हाथ लगी, जब लंबे समय से सुरक्षाबलों की रडार पर रहे सक्रिय माओवादी मल्लेश ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया. मंगलवार को पखांजूर के छोटेबेठिया स्थित बीएसएफ (BSF) की 94वीं बटालियन के कैंप पहुंचकर डीवीसीएम रैंक के इस नक्सली नेता ने पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के आला अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया.
आत्मसमर्पण के दौरान मल्लेश ने अपनी एके-47 राइफल और कारतूस भी सुरक्षाबलों को सौंप दिए.
मल्लेश का नक्सली संगठन में एक महत्वपूर्ण कद था और वह कई बड़ी हिंसक वारदातों में वांछित था, जिसके चलते पुलिस को काफी समय से उसकी तलाश थी.
जानकारों का मानना है कि एक अनुभवी नेतृत्वकर्ता के जाने से क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क को भारी क्षति पहुंची है.
यह घटना इस बात की ओर भी संकेत करती है कि अब माओवादी विचारधारा के प्रति नक्सलियों का मोहभंग हो रहा है और वे हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन जीने की इच्छा रख रहे हैं. सुरक्षाबलों ने इसे बस्तर संभाग में शांति बहाली की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि करार दिया है.