धरमजयगढ़ में बाघ के पदचिन्ह मिले
धरमजयगढ़ में बड़े मांसाहारी वन्यप्राणी के पदचिन्ह मिले
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के धरमजयगढ़ वनमंडल में इन दिनों एक बड़े मांसाहारी जंगली जानवर (लार्ज कार्निवोर) संभवतः बाघ की हलचल देखी जा रही है. बीते कुछ दिनों में इसके पदचिन्ह (पंजे के निशान) अलग-अलग इलाकों में मिले हैं, जिसके बाद वन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है.
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, छाल परिक्षेत्र के ग्राम कोकदार में ग्रामीणों ने खेत के पास किसी बड़े जानवर, संभवतः बाघ के पंजे के निशान देखे और तुरंत इसकी सूचना वन अमले को दी. सूचना मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और निशान की जांच की. शुरुआती तौर पर यह बड़े मांसाहारी जानवर का पदचिन्ह प्रतीत हुआ.
इसके बाद वन विभाग की टीम ने लगातार निगरानी शुरू कर दी. 3 अगस्त 2025 को इस तरह के पदचिन्ह फिर लैलूंगा परिक्षेत्र में दिखाई दिये. वन विभाग ने अलग-अलग टीमें बनाकर सतत निगरानी जारी रखी हुई है. पदचिन्ह का प्लास्टर कास्ट तैयार कर लिया गया है जिसे विशेषज्ञों को जांच के लिये भेजा जायेगा.
वन विभाग का कहना है कि मंदलवार 5 अगस्त 2025 को इसी तरह का पदचिन्ह ओडिशा राज्य के अंदर भी देखा गया है, जिसके बाद सुंदरगढ़ वनमंडल के अधिकारियों को भी जानकारी दे दी गई है.
धरमजयगढ़ वनमंडलाधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों से अपील है कि किसी प्रकार के पदचिन्ह या जानवर के दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी वन अमले को सूचना दें. किसी अफवाह पर ध्यान न दें तथा जंगल या खेतों में अकेले जाने से बचें. विभाग की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं और लगातार निगरानी कर रही हैं