मदरसा बोर्ड को भंग कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाने की मांग
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में मदरसा शिक्षा के आधुनिकीकरण और छात्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एक पत्र लिखकर राज्य मदरसा बोर्ड को समाप्त करने की मांग की है. उन्होंने इसके स्थान पर उत्तराखंड की तर्ज पर एक 'अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण' (Minority Education Authority) गठित करने का प्रस्ताव रखा है.
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान मदरसा बोर्ड छात्रों को आधुनिक शिक्षा और व्यावसायिक कौशल (Vocational Skills) प्रदान करने में पूरी तरह विफल रहा है. इसके कारण मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे केवल धार्मिक शिक्षा तक ही सीमित रह जाते हैं, जिससे भविष्य में उनके सामने रोजगार के अवसरों की भारी कमी हो जाती है.
सलीम राज के अनुसार, छत्तीसगढ़ में इस समय लगभग 418 मदरसा संचालित हो रहे हैं, लेकिन उनमें से गिने-चुने मदरसों में ही उच्चतर माध्यमिक (Higher Secondary) स्तर तक की शिक्षा दी जा रही है. अधिकांश संस्थानों में केवल प्राथमिक स्तर की धार्मिक शिक्षा दी जा रही है, जिसका पाठ्यक्रम आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अनुकूल नहीं है.
उन्होंने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए इन मदरसों को राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड से जोड़ने की वकालत की है. इसके साथ ही, उन्होंने एक विशेषज्ञ समिति बनाने का सुझाव दिया है जो धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक विषयों के संतुलन वाला एक नया पाठ्यक्रम तैयार कर सके. फिलहाल इस प्रस्ताव पर राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.